हरदोई। सरसों के तेल में ब्लेंडिंग (किसी अन्य खाद्य तेल की मिलावट) बंद होने के बाद से दरों में उछाल आया है। तेल व तिलहन की दरों में संतुलन बनाए रखने के लिए विभागीय स्तर पर अब नजर रखी जाएगी। साथ ही दुकानदारों के लिए भी नियमों में कुछ फेरबदल किए गए हैं। जारी गाइडलाइन के मुताबिक थोक कारोबारियों को खाद्य तेलों का स्टॉक तय अवधि में पोर्टल पर अपडेट होगा। जिससे कि नियमित अंतराल पर बाजार भावों की समीक्षा की जा सकेगी।
अभी तक बाजार में बिकने वाले सरसों के तेल में राइस ब्रॉन ऑयल व पॉम ऑयल आदि की ब्लेंडिंग (सम्मिश्रण) किया जाता था, जिससे बाजार में मिश्रित सरसों के तेल के नाम पर बेंचा जाता था। चार माह पूर्व ही सरकार ने खाद्य व सरसों के तेल में किसी भी प्रकार की ब्लेंडिंग पर रोक लगा दी है। इसके बाद खाद्य तेलों व तिलहन आदि के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है।
लगभग चार माह पूर्व तक 140 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला सरसों का तेल अब 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। कई जगह यह दरें व्यापारियों द्वारा मनमाने ढंग से तय की जा रही हैं। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने जिला प्रशासन को पत्र जारी किया है।
शासन के अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पत्र जारी कर कहा है कि विभाग द्वारा पोर्टल बनाया गया है। जिस पर खाद्य तेल, तिलहन के व्यापारियों, स्टॉकिस्ट, थोक कारोबारियों, मिलर्स व रिफाईनर्स द्वारा स्टॉक की घोषणा किया जाना अनिवार्य है। कहा कि जनपद में अभियान चलाकर कारोबारियों से एक सप्ताह में स्टॉक की घोषणा ऑनलाइन कराई जाए। साथ ही उसका सत्यापन कर मूल्यों का साप्ताहिक अनुश्रवण भी किया जाए।
डीएम अविनाश कुमार ने एडीएम, डीएसओ व डिप्टी आरएमओ को इसको लेकर अभियान चलाने के निर्देशित किया है। डीएसओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि अधिकारियों जल्द ही खाद्य कारोबारियों, खाद्य तेल व तिलहन के स्टॉकिस्टों को चिन्हित कर स्टॉक का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।