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Hardoi News: ईसीसीई एजुकेटर की चयन प्रक्रिया की होगी जांच, डीएम ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया

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हरदोई। बाल वाटिका के प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) एजुकेटर की चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर डीएम की निगाह टेढ़ी हो गई है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने पूरी प्रक्रिया की जांच कराए जाने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति आवेदकाें को फोन किए जाने से लेकर चयन कराने के आश्वासन तक की जांच करेगी। तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है।
डीएम ने बताया कि कई माध्यम से उन्हें जानकारी व शिकायत मिली है कि चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। ईसीसीई एजुकेटर पद के आवेदकों को वैसे तो अभिलेखों के सत्यापन के लिए फोन किए जाने के निर्देश थे, लेकिन आवेदकों को फोन कर अभिलेख सत्यापित कराने और चयनित कराए जाने के भी आश्वासन दिए गए हैं। चयन कराने के लिए आवेदकों को मुलाकात के लिए बुलाए जाने की भी जानकारी मिली है। इसके मद्देनजर एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी और जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद को जांच समिति में नामित किया है।
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उल्लेखनीय है कि बाल वाटिका पर ईसीसीई एजुकेटर के 250 पदों के लिए 968 आवेदन विभाग को मिले थे। अभिलेखों के सत्यापन के लिए 750 आवेदकों को चयनित किया गया था। इसमें 450 आवेदकों ने अभिलेखोंं का सत्यापन कराया था। सत्यापन में 411 आवेदक पात्र मिले थे। 39 आवेदक पात्रता की श्रेणी में नहीं आ सके। ईसीसीई एजुकेटर पद पर चयन की प्रक्रिया पूरी कराते हुए सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है।



इसलिए भी उठे सवाल
विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि ईसीसीई एजुकेटर की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए शासन ने आउट सोर्सिंग कंपनी नामित की थी। शुरूआत में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने संबंधित कंपनी से सामंजस्य रखा, लेकिन अभ्यर्थियों के चयनित होने के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी। सूची सार्वजनिक होने के बाद कंपनी को इसका पता चला। सूत्रों की मानें तो कंपनी की ओर से इस पर भी आपत्ति जताई गई।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के एक करीबी कर्मचारी का नाम लेकर कई अभ्यर्थियों को फोन कॉल की गई थी। इस दौरान अभ्यर्थियों को चयनित कराने का भरोसा देकर विभाग में तैनात एक संविदा कर्मचारी से मुलाकात करने को भी कहा गया था। इसके पुख्ता प्रमाण भी प्रशासनिक अफसरों को मिले हैं।
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