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Hardoi News: 75 साल से अधिक पुराना है विद्यालय भवन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। आर्य कन्या पाठशाला इंटर काॅलेज का भवन 75 साल पुराना है। इससे भवन के कई कक्ष जर्जर हो गए हैं। विद्यालय प्रशासन के मुताबिक अत्याधिक जर्जर कक्षों को बंद करवा दिया गया था। वहीं जिस कक्ष का प्लास्टर गिरा है वह उतना जर्जर नहीं था। सवाल यह है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से इन जर्जर कक्षों की मरम्मत के लिए अपने स्तर से प्रयास क्यों नहीं किए गए।
प्लास्टर गिरने के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से आनन-फानन कक्ष बंद कर दिए गए। प्लास्टर गिरते समय कक्षा में बच्चियां कम थी। इसकी वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया।जिले में 72 माध्यमिक एडेड विद्यालय संचालित हैं जिसमें से 20 विद्यालयों के भवन 75 साल से अधिक पुराने हैं। जिनके कक्ष जर्जर हो गए हैं। उनमें ही आर्य कन्या इंटर काॅलेज भी शामिल है। विद्यालय वर्ष 1945 से संचालित हो रहा है। विद्यालय के 10 कक्ष अधिक जर्जर हैं जिनमें कक्षाएं संचालित नहीं होती हैं।
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अन्य में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। जिस कक्ष में प्लास्टर गिरा वह आंशिक जर्जर की श्रेणी में था। इसलिए कक्षाएं संचालित हो रही थी। विद्यालय में वर्तमान में कक्षा एक से 12 तक की 2600 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही है। विद्यालय भवन के मरम्मत की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति की है। जिसमें शासन भी प्रोजेक्ट अलंकार के तहत धनराशि उपलब्ध करा रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद ने बताया कि विद्यालय भवन को प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आवेदन भेजा गया। सभी एडेड विद्यालयों के प्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया चुका है कि अगर विद्यालय भवन की मरम्मत की आवश्यकता है, तो उसको अपने निजी स्रोत से कराएं या प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकारी अनुदान लेकर कार्य पूरा कराएं।
विद्यालय के ऐसे सभी कक्षों को बंद करा दिया गया है, जो जर्जर दिख रहे थे। अभिभावक की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। विद्यालय प्रधानाचार्या को विद्यालय की छात्राओं की सुरक्षा को देखते ही कक्षों को नियमित निरीक्षण करने और उनको सही कराने के निर्देश दिए गए हैं।विद्यालय भवन पुराना है।
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वर्जन
विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से प्रतिवर्ष विद्यालय के कक्षों और जो भी मरम्मत योग्य कार्य होता कराया जाता है। कई कक्षों की मरम्मत कराई जा चुकी है। विद्यालय में 100 से अधिक कक्ष है। बारिश के कारण इस कक्ष में समस्या आई। जिसे बंद कराया दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालय के अन्य कक्षों की भी समिति बनाकर जांच कराई गई। उनमें विशेष विद्यालय निधि से मरम्मत के कार्य की स्वीकृत दे दी गई है।



राजीव रंजन मिश्र, प्रबंधक आर्य कन्या इंटर कालेज
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