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Hardoi News: हरदोई-प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से रखेंगे 2027 के चुनाव की नींव

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फोटो 18: गंगा एक्सप्रेसवे पर कट के पास पौधरोपण का कराया जा रहा काम। संवाद
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फोटो 19: गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बालू पर कलाकृतियों को अंतिम रूप देते कलाकार। संवाद
- 594 किलोमीटर लंबाई वाले एक्सप्रेसवे पर हरदोई सहित 12 जिलों में विकसित किए जाएंगे औद्योगिक कॉरिडोर
- हरदोई के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखेंगे 11 अन्य जिलों के लोग, इन जिलों में 15-20 हजार की भीड़ जुटेगी
अनूप श्रीवास्तव/संजय अवस्थी
हरदोई/मल्लावां। देश के सबसे बड़े 594 किलोमीटर लंबे करीब 36,200 करोड़ रुपये की लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की सभी व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। लोकार्पण समारोह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उप्र के साल-2027 में होने वाले चुनाव की नींव भी रखेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश को पूरब से पश्चिम को जोड़ने की लाइफलाइन ही नहीं, औद्योगिक विकास, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों और जिलों के लिए आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में किया था। ठीक उसके बाद 2022 में प्रदेश में विधानसभा के चुनावों में इसका फायदा भाजपा को मिला था। अब साल 2027 में चुनाव है। ठीक इससे पहले मल्लावां में प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से प्रदेश में सड़क मार्ग में नया अध्याय जोड़ देंगे।
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गंगा एक्सप्रेसवे सह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मॉडल के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित किए जाने पर जोर दिया है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते में पड़ने वाले सभी 12 जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित कराए जा रहे हैं। औद्योगिक कॉरिडोर के लिए हरदोई सहित सभी जिलों में भूमि का अधिग्रहण भी किया जा चुका है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री लोकार्पण के साथ एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करेंगे, वहीं प्रदेश में 2027 में फिर से कमल खिलाने का भी लोगों से आह्वान कर सकते हैं। वायदों के पूरा होने की जनता को जानकारी देकर भाजपा के साथ का संकल्प भी दिला सकते हैं।
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बालू पर उकेरी कलाकृतियां देंगी जिले की विशेष पहचान
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण यादगार बनाए जाने के लिए बड़ी तैयारी की गई है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर दोनों जिलों को मिलाकर 12 जिले जुड़े हुए हैं। इसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जनपद शामिल हैं। इन जिलों की विशेषता को प्रदर्शित करने वाले उत्पाद, पहचान आदि से जुड़ीं कलाकृतियों को एक्सप्रेसवे पर बालू से उकेरा जा रहा है। इन कलाकृतियों को ड्राई रंग से आकर्षित बनाया जा रहा है। मल्लावां में लोकार्पण स्थल और मंच के ठीक पीछे इस कार्य में पारंगत 20 लोगों की टीम कलाकृतियों को बनाने में जुट गई है। कलाकृति बनाने के लिए वाराणसी से कलाकार आए हैं। यह कलाकार स्थानीय पुलिस के साथ ही एसपीजी के अधिकारियों की निगरानी में कलाकृतियों को बना रहे हैं। बालू से लेकर रंग और उपयोग में लाई जाने वाली अन्य सामग्री पर एसपीजी के अधिकारी नजर रखे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर पर एक नजर :
हरदोई : हरदोई : 282 किलोमीटर पर 335 एकड़
मेरठ : 10 किलोमीटर पर 529 एकड़
हापुड़ : 54 किलोमीटर पर 304 एकड़
बुलंदशहर : 2,798 एकड़
अमरोहा : 74 किलोमीटर पर 348 एकड़
संभल : 100वें किलोमीटर पर 591 एकड़
बदायूं : 189 किलोमीटर पर 269 एकड़
शाहजहांपुर : 255 किलोमीटर पर 252 एकड़
उन्नाव : 422 किलोमीटर पर 333 एकड़
रायबरेली : 517 किलोमीटर पर, 232 एकड़
प्रतापगढ़ : 555 किलोमीटर पर 263 एकड़
प्रयागराज : 601 किमी पर 251 एकड़
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