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Hardoi News: सोने और चांदी के भाव में कमी से बाजार को अच्छे कारोबार की उम्मीद

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हरदोई। सोने और चांदी के भाव में आई गिरावट से सराफा बाजार में रौनक लौट रही है। भाव कम होने के साथ ही देवोत्थानी एकादशी के चलते अब लोगों ने जेवरों की खरीदारी शुरू कर दी है जिससे सराफा शोरूम पर खरीदारों का आना-जाना बढ़ गया है। सहालग भी शुरू होने से लोगों ने सोने-चांदी के आभूषणों को अभी से देखना और लेना शुरू कर दिया है।
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सराफा बाजार में सोने और चांदी की बढ़ी कीमतों ने खरीदारों को सोचने पर मजबूर किया। भाव सुनकर लोग अपने बजट में ही खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। धनतेरस और दिवाली के बाद सोने और चांदी के भाव में कमी आई है। शनिवार को सराफा बाजार में 18 कैरेट सोने के जेवर करीब 1,09,000 और 22 कैरेट सोने के जेवर करीब 1,16,000 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव से बिके। चांदी के जेवर के 1,52,800 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव रहे। सोने के जेवरों में प्रति दस ग्राम के भाव में करीब 10,000 रुपये की कमी आई। वहीं, चांदी में प्रति किलोग्राम करीब 24,000 रुपये की कमी आई। भाव में और कमी आने का लोगों को अभी इंतजार है।
काशीनाथ सोमनाथ सराफा के अनुज महेंद्र उर्फ सोनू ने बताया कि सोने और चांदी के जेवरों की कीमतों में कमी से बाजार में अभी बड़ा बदलाव नहीं है। लोग और कीमतों के कम होने का भी इंतजार कर रहे हैं। सहालग और लोगों की तरफ से की जाने वाली खरीदारी को देखते हुए शोरूम पर कम वजन के फैंसी जेवर भी उपलब्ध कराए गए हैं। लोग अपने बजट के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। कम वजन के जेवर को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं।
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सेठ नवल किशोर ज्वेलर्स के डॉ. विनीत वर्मा ने बताया कि सहालग और देवोत्थानी एकादशी के बाद अच्छे कारोबार की उम्मीद है। सोने और चांदी के भाव में कमी से खरीदार अपनी प्राथमिकता के जेवरों की खरीदारी कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि धनतेरस और दिवाली के बाद कम हुए भाव अभी और कम होंगे। अवस्थी ज्वेलर्स के प्रवीण अवस्थी ने बताया कि कीमतों के लगातार कम होने से लोगों को और भी कीमतों में कमी की आस है। लोग कम वजन में फैंसी जेवर को अधिक पसंद कर रहे हैं।
हरदोई सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल महेंद्रा उर्फ बबली ने बताया कि भाव में अचानक आई कमी से सराफा बाजार को आस है कि देवोत्थानी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यक्रम होने लगते हैं जिससे शादी-बरात वाले घरों में जेवरों की खरीदारी होने से बाजार में रौनक की उम्मीद है।
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