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Hardoi News: 10 माह से लापता किशोर उन्नाव में मिला

Sun, 14 Apr 2024 10:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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हरदोई। पाली थाना क्षेत्र के खेमपुर गांव से बीते वर्ष 17 जून 2023 को लापता हुए किशोर को पाली पुलिस ने खोज निकाला। पुलिस ने उसे उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के पटकापुर गांव से खोजा है।
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खास बात यह है कि किशोर के पिता ने एक शख्स के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूछताछ में किशोर ने पुलिस को बताया है कि डांट के डर से वह घर से चला गया था। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पाली थाना क्षेत्र के खेमपुर निवासी एक शख्स ने 20 जून 2023 को पाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार इसमें बताया था कि 17 जून को उसका पुत्र (15) साइकिल से खेत पर चारा लेने गया था, लेकिन इसके बाद से लापता हो गया। उसका कहना था कि सेमरझाला निवासी अवधेश कुमार कुशवाहा ने फोन पर बताया था कि उसके पुत्र ने दो अन्य विद्यार्थियों के साथ विद्यालय का ताला तोड़कर तोड़फोड़ की है।
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इसके अलावा सेमरझाला निवासी कल्लू से पूर्व में विवाद की बात भी बताई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने कल्लू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। एसपी केसी गोस्वामी ने भी कुछ माह पहले खेमपुर गांव जाकर परिजनों से पूछताछ की थी। पाली के प्रभारी निरीक्षक एके राय को किशोर के बारे में बता लगाने के विशेष निर्देश दिए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि जानकारी के आधार पर पाली थाने की पुलिस ने शनिवार को उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटकापुर गांव में जानकारी जुटाई। यहां किशोर सकुशल मिल गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने बताया कि स्कूल का ताला तोड़े जाने की जानकारी पिता को हो गई थी। इसे लेकर पिता और भाई की डांट के डर से वह घर से चला गया था। फिलहाल किशोर को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। विधिक कार्रवाई के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा।


छह लोगों पर था हत्या कर शव गायब करने का आरोप
किशोर के लापता होने के मामले में उसके पिता के बयान थाने और कोर्ट में हुए थे। इस दौरान उन्हाेंने सेमरझाला निवासी अवधेश, उसके भाई मुनीपाल भोला, उसके भाई सीतू, कल्लू और पंंक्षी देवी पर किशोर की हत्या कर शव गायब कर देने का आरोप लगाया था। पुलिस को इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिल रहे थे, लेकिन आरोपी हर तरह से पुलिस की मदद कर रहे थे। इससे यह तय हो गया था कि आरोपियों का घटना से सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है।

सात जिलों के 230 सीसीटीवी कैमरे खंगाले तब खोज पाए किशोर को
हरदोई। इस मामले के खुलासे में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने सात जनपदों के 230 सीसीटीवी कैमरों के लगभग 500 घंटे के फुटेज देखे। इसके अलावा सर्विलांस पर लगाए गए सात मोबाइल नंबरों के कई हजार पन्नों का ब्योरा खंगाला, तब जाकर किशोर मिल सका।
एसपी केसी गोस्वामी ने घटना का खुलासा करने के लिए कई पुलिस टीमें लगाईं और खुद ही इसका पर्वेक्षण करने लगे। जांच पाली के अतिरिक्त निरीक्षक वहीद अहमद को सौंपी गई। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हरदोई के साथ ही रायबरेली, फर्रुखाबाद, उन्नाव, सीतापुर, लखनऊ, शाहजहांपुर आदि जनपदों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। फुटेज देखी गई।
इसके अलावा कुछ मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया। गुमशुदगी को लेकर पोस्टर छपवाकर प्रचार-प्रसार किया गया। सूत्र बताते हैं कि किशोर एक डंपर पर सवार होकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के चालक के साथ कुछ दिन रहा। जब चालक वापस अपने घर गया तो उसने किशोर को एक दूसरे शख्स के पास छोड़ दिया।
किशोर की मित्रता वहां एक बालक से हो गई। इसके बाद दोनों घूमने के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश गए। वापस आने पर उन्नाव में एक गांव में एक अकेले शख्स के साथ रहने लगा। गांव में उसने सबको बताया था कि माता-पिता की मौत हो चुकी है और परिवार में कोई नहीं है। (संवाद)
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