हरदोई। भरखनी विकास खंड के संविलियन विद्यालय सहुआपुर में शिक्षकों और सहपाठी की पिटाई से छात्रा की मौत ने पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। 20 अगस्त को हुई घटना की जांच करने की फुरसत बेसिक शिक्षा महकमे के जिम्मेदारों को तब मिली जब छात्रा की मौत हो गई। इतना ही नहीं घटना को लेकर बीते 23 अगस्त को पुलिस में शिकायत की गई थी लेकिन पुलिस ने महज औपचारिकता ही निभाई। पूरे घटनाक्रम को लेकर पेश है एक रिपोर्ट ...
नकल से शुरू हुआ बवाल, सत्र परीक्षा की खुली पोल, अध्यापकों की लापरवाही भी उजागर
पचदेवरा थाना क्षेत्र के सहुआपुर निवासी उमेश दीक्षित की दो बेटियों में छोटी बेटी क्षमा दीक्षित (13) गांव के ही संविलियन विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा थी। क्षमा की मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है लेकिन वीडियो में क्षमा कह रही है कि 20 अगस्त को विद्यालय में परीक्षा थी। क्षमा परीक्षा दे रही थी। वीडियो में क्षमा ने बताया कि कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने उससे पूछा कि पेपर (उत्तर पुस्तिका) देखोगी। मना करने पर उसने जबरन पेपर दिखाया। इसके बाद सहपाठी ने क्षमा को पीटा। दावा है कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक और कक्षा अध्यापक से भी शिकायत की लेकिन इन लोगों ने भी क्षमा को ही पीट दिया। कुल मिलाकर इस पूरी घटना से सत्र परीक्षा की गंभीरता की पोल खुल गई तो इंचार्ज प्रधानाध्यापक और कक्ष अध्यापक की लापरवाही भी उजागर हो गई। यह बात और है कि मामले में बीएसए ने अक्षय यादव और राजेंद्र गंगवार को निलंबित कर दिया है। देर शाम एसडीएम सवायजपुर शिवानी सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा ने मृतका के घर जाकर सांत्वना दी। वहीं अब तक हुई कार्रवाई के बारे में बताया। इस दौरान मृतका के पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी कराए जाने की मांग की।
पुलिस से की शिकायत तो दरोगा से कह दिया शिक्षकों से बात कर इलाज कराओ
सहुआपुर में बीते 20 अगस्त को हुई घटना की शिकायत 23 अगस्त को क्षमा ने पिता के साथ जाकर पचदेवरा थाने में पुलिस से की थी। इसमें आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने भी शिक्षकों से कहा था कि क्षमा का इलाज करा देना। इसके बाद भी शिक्षकों ने इलाज नहीं कराया और इलाज के लिए रुपये भी नहीं दिए। पचदेवरा थानाध्यक्ष से जब इस शिकायती पत्र पर हुई कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र के उपनिरीक्षक विक्रांत शर्मा को शिकायती पत्र देकर इलाज के लिए रुपये दिलवाने या इलाज कराने के लिए शिक्षकों से बात करने को कहा गया था। हालांकि इस बीच क्षमा को उसके परिजन इलाज के लिए फर्रुखाबाद लेकर चले गए। मतलब यह कि पुलिस ने भी बेहद सतही कार्रवाई की।
बीएसए का दावा, पहले से बीमार थी छात्रा
बेसिक शिक्षा विभाग पूरी घटना पर असमंजस की स्थिति में रहा। छोटी-छोटी चीजों को लेकर प्रेस विज्ञप्ति और बयान जारी करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा ने पूरी घटनाक्रम पर मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें इंचार्ज प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के निलंबन की जानकारी देने के साथ ही लिखा गया कि संज्ञान में आया है कि छात्रा पहले से बीमार थी। यह बात और है कि छात्रा के परिजन किसी भी बीमारी से इन्कार कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बीमारी की बात का कहीं उल्लेख नहीं है। ऐसे में चर्चा है कि विभागीय कर्मचारियों को बचाने की कवायद में बीएसए ने छात्रा के पहले से बीमार होने का उल्लेख किया है।
चोटों के संक्रमण से हुई क्षमा की मौत लेकिन विसरा सुरक्षित
फर्रुखाबाद में क्षमा की मौत होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में क्षमा के शरीर पर चोटों के पांच निशान मिले। इन चोटों की वजह से शरीर में संक्रमण होने और इसकी वजह से मौत होने की बात सामने आई है। इस सबके बीच खास बात यह भी है कि पूरे मामले के तूल पकड़ने की आशंका के बीच विसरा सुरक्षित किया गया है।
जब हो गई छात्रा की मौत तब जांच करने पहुंचे बीईओ, जवाब तलब
विद्यालय में छात्रा की पिटाई 20 अगस्त को हुई थी। 23 अगस्त को मामला पुलिस तक भी पहुंच गया था लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी ने पूरे मामले पर ध्यान नहीं दिया। रविवार शाम छात्रा की फर्रुखाबाद में मौत होने का पता भी विभागीय अधिकारियों को तब चला जब सोमवार को छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह विद्यालय पहुंचे और जांच करने का दावा किया। उनकी जांच रिपोर्ट को ही आधार बनाकर बीएसए ने दोनों शिक्षकों को निलंबित किया है। अब इसी मामले में शिथिल पर्यवेक्षण का आरोप लगाते हुए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से भी जवाब तलब किया है।
फोटो-40-क्षमा। फोइल फोटो