हरदोई। एडीएम के फर्जी हस्ताक्षर से अनुमति आदेश पर हुई भूमि की खरीद-फरोख्त के दाखिल-खारिज पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने इतना ही नहीं सख्त कदम उठाते हुए संबंधित गाटा की भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में दर्ज किए जाने के भी आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में भूमि के विक्रेता और क्रेता को नामजद करते हुए अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।
तहसील बिलग्राम के ककराखेड़ा में एक भूमि की खरीद-फरोख्त के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायिक के फर्जी हस्ताक्षर से भूमि विक्रय की अनुमति का आदेश पारित कर दिया गया। आदेश में दर्ज वाद संख्या किसी दूसरे वाद की निकली। इससे संदेह होने पर एडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने मामले की जांच कराई। जांच आदेश ही फर्जी निकला। आदेश पर जो वाद संख्या दर्शाई गई वह आरसीसीएमएस पोर्टल पर किसी दूसरे वाद की निकली। इससे संदेह और गहरा गया। तहसील बिलग्राम के उप निबंधक से बैनामा का परीक्षण कराया गया तो भूमि की बिक्री के लिए आरक्षित श्रेणी के किसान की सामान्य जाति के किसान के लिए भूमि बिक्री का अनुमति आदेश फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम न्यायालय के पेशकार राजेश कुमार पाल की तरफ से कोतवाली बिलग्राम में भूमि विक्रेता व क्रेता सहित अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में ककराखेड़ा निवासी भूमि विक्रेता आरक्षित श्रेणी के रामकुमार पुत्र बहादुर और भूमि के खरीदार सामान्य जाति के रामकिशोर पुत्र विशंभर को नामजद किया है। मामले में शामिल अन्य को अज्ञात में रखा गया है। एडीएम ने बताया कि बिलग्राम एसडीएम को आदेश दिए गए हैं कि संबंधित गाटा की भूमि के दाखिल-खारिज पर रोक लगा दी गई है। दाखिल-खारिज पर रोक के साथ ही उक्त गाटा की भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में खतौनी में दर्ज कराएंगे।