हरदोई/बेहंदर। संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर हुए सड़क हादसे में सात लोगाें की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। कोई रोजगार की तलाश में बृहस्पतिवार सुबह घर से निकला था तो कोई बीमार मां को देखने के लिए। बड़ी भाभी के बीमार होने की सूचना पर मुंंबई से घर आने के लिए निकला युवक गांव तक नहीं पहुंच सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हर तरफ चीख पुकार मची हुई थी। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे लोग भी अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाए।
बीमार मां को देखने जा रही फूलजहां की बेटे समेत गई जान, पति गंभीर
उन्नाव जनपद के बेहटा मुजावर निवासी सिराज (30) गांव में ही खेती करते हैं। उनकी ससुराल उन्नाव जनपद के आसीवन गांव में है। सिराज की सास सईदुन का ऑपरेशन संडीला के बेगमगंज स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ था। सास का हाल लेने के लिए सिराज अपनी पत्नी फूलजहां (28) और पुत्र अयाज (3) के साथ बेगमगंज जाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह निकला था। बांगरमऊ से वह संडीला जाने को ऑटो में सवार हुआ था। रास्ते में ही हुए हादसे में सिराज की पत्नी और बेटे की मौत हाे गई, जबकि सिराज को गंभीर हालत में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। घटना का पता चलने पर सिराज के ससुरालीजन मौके पर पहुंचे और फिर उसके घर के लोग भी पहुंच गए।
बीमार भाभी को देखने मुंबई से आया निसार घर तक नहीं पहुंच सका
कछौना कोतवाली क्षेत्र के बनवा निवासी निसार (35) राजमिस्त्री थे। पिछले कुछ समय से गांव में काम नहीं मिल रहा था। अब से 12 दिन पहले वह मुंबई में अपने भाई के दामाद आफाक के पास काम करने के लिए गए थे। तीन दिन पहले निसार की बड़ी भाभी सकीना की गांव में ही तबीयत बिगड़ गई। इसकी जानकारी पर निसार मुंबई से ट्रेन से आया और बृहस्पतिवार सुबह उन्नाव रेलवे स्टेशन पर उतरा। यहां से वह एक ऑटो से बांगरमऊ गया। बांगरमऊ से संडीला जाने के लिए वह ऑटो में सवार हुआ था। रास्ते में ही हुए हादसे में उसकी मौत हो गई। निसार की पत्नी शहरीन की मौत सात साल पहले हो चुकी है। अब निसार की भी मौत हो जाने से पुत्र जावेद (12) और पुत्री शुबी (14) बदहवास हो गईं।
सवारियां लेने सुबह साढ़े छह बजे घर से निकला था रंजीत, ढाई घंटे बाद आई मौत की खबर
कासिमपुर थाना क्षेत्र के बाजारखेड़ा मजरा औरामऊ निवासी रंजीत खुद का ऑटो चलाता था। हर रोज उन्नाव से संडीला के बीच सवारियां लाने ले जाने से होने वाली आय से ही उसका परिवार चलता था। रोज की तरह बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े छह बजे ऑटो रिक्शा लेकर बांगरमऊ चला गया था। बांगरमऊ से सवारियां लेकर वापस आते समय हरदलमऊ के पास हुए हादसे में उसकी मौत हो गई। उसके परिवार में पत्नी प्रीती, दो पुत्रियां प्रिया और रिया व पुत्र हर्ष है। घटना का पता चलने पर प्रीती बदहवास हो गई और उसे संभालने के लिए परिजनों व ग्रामीणों काे मशक्कत करनी पड़ी।
बहन की शादी में पंजाब से आया अंकित दुनिया से चला गया
कछौना कोतवाली क्षेत्र के बहदिन निवासी अंकित (20) पंजाब के लुधियाना में एक धागा फैक्टरी में काम करता था। बीती दो अप्रैल को उसकी बहन रोहिणी की शादी थी। शादी के चलते वह पंजाब से गांव आया था। तब से गांव में ही था। अंकित का ननिहाल कासिमपुर थाना क्षेत्र के बेहंदर खुर्द गांव में है। बुधवार को वह अपने मामा राम कुमार के घर गया था। बृहस्पतिवार सुबह वापस अपने गांव जाने के लिए बेहंदर से ही ऑटो पर सवार हो गया था। रास्ते में दुर्घटना हो गई और उसकी मौत हो गई। वह पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। मां शिव देवी उसका शव देख बदहवास हो गईं।
रोजगार की तलाश में निकले, मिली मौत
कासिमपुर थाना क्षेत्र के मलहनखेड़ा निवासी अरविंद (19) चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। पिता नंदराम खेती और मजदूरी करते हैं। अरविंद अपने परिजनों की घर चलाने में आर्थिक मदद करना चाहता था। इसी मंशा के साथ वह काम तलाशने के लिए लखनऊ जाने के लिए निकला था। कासिमपुर के पास वह ऑटो में सवार हुआ। संडीला से उसे लखनऊ के लिए बस पकड़नी थी, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत की जानकारी पर पिता नंदराम और मां शीला देवी बदहवास हो गईं। मौके पर मौजूद परिवार और गांव के लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला।