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फोटो-34-शुक्रवार के अंक में प्रकाशित खबर।
- सीडीओ, डीएम ने लिया संज्ञान 24 नवविवाहिताओं से बैंक पासबुक की छायाप्रति लेकर पूरी कराई प्रक्रिया
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहिताओं का अटका हुआ सरकारी शगुन शुक्रवार को बैंक खातों में भेज दिया गया। जनपद में कुल 24 ऐसे मामले आए थे जिनमें नवविवाहिताओं के बैंक खातों में बजट तो भेजा गया था,लेकिन तकनीकी खामी के कारण बजट खातों में पहुंचा नहीं था। डीएम और सीडीओ के हस्तक्षेप के बाद सभी 24 नवविवाहिताओं से बैंक पास बुक की छाया प्रति लेकर बजट भेजा गया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत होने वाले विवाह में नवविवाहिताओं के खातों में 35-35 हजार रुपये भेजे जाते हैं। जनपद में कई नवविवाहिताओं ने बैंक खाते में रुपये न पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई थी। खास बात यह है कि इन सभी की शादी सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में एक साल पहले हुई थी।
पहले तो यह लोग खाते में रुपये आने का इंतजार करते रहे, लेकिन फिर शिकायत दर्ज कराई। अमर उजाला ने इस संबंध में शुक्रवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसको संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत को तलब कर लिया।
अब तक सामने आए 24 मामलों में नवविवाहिताओं के बैंक पास बुक की छायाप्रति मंगवाकर उनके बैंक खातों में 35-35 हजार रुपये कोषागार के जरिए स्थानांतरित करा दिए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत ने बताया कि नवविवाहिताओं ने पास बुक की जो छाया प्रति दी है उसी खाते में बजट भेजा गया है। अगर फिर से इस तरीके का कोई मामला सामने आएगा तो उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा।
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एक जोड़े पर खर्च किए जाते हैं 51 हजार रुपये
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले विवाह पर एक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाने का नियम है। इनमें से 35 हजार रुपये नवविवाहिता के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। दस हजार रुपये कीमत के उपहार और कपड़े होते हैं। छह हजार रुपये में भोजन व आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं कराई जाती हैं।
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खाता संख्या में एक अंक गलत होने के कारण प्रदीप के खाते में गई धनराशि
सुरसा थाना क्षेत्र के बल्लीपुर निवासी सोनलता की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। उसके खाते की जगह टड़ियावां थाना क्षेत्र के गुरसंडा निवासी प्रदीप के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भेज दिए गए थे। अमर उजाला ने शुक्रवार को इस मामले का खुलासा किया था। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत ने पूरी पत्रावली की जांच कराई। खाता संख्या में एक अंक गलत होने के कारण रुपये प्रदीप के खाते में जाने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि अगर प्रदीप ने रुपये सोनलता के खाते में वापस न भेजे तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।