बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से हुई फसल बर्बादी का असर
अब किसानों की जिंदगी पर पड़ रहा है। रविवार को दो अलग-अलग स्थानों पर खेत
में काम कर रहे दो कि सानों की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। कछौना में
मामले में मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने जांच के बाद कहा कि मृतक
भूमिहीन है, वह भाड़े पर फसल काट रहा है।
वहीं मल्लावां क्षेत्र में घटी
घटना की सूचना एसडीएम को दी गई। मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र
के काशीनगर निवासी राजकुमार (52) व उसका चचेरा भाई मकरंद रविवार को दोपहर
में खेत पर फसल काट रहे थे। परिजनोें के अनुसार फसल की बर्बादी को लेकर
दोनों बातचीत कर रहे थे।
इसी बीच उन्होंने बीड़ी भी पी और कुछ देर बाद
राजकुमार को दो हिचकी आई और वह खेत में गिर पड़े। जब तक आस पास के लोग मौके
पर पहुंचते, तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना पर मृतक के परिजन खेत में
पहुंचे तो उसका शव देखते ही कोहराम मच गया।
किसान की मौत की खबर मिलते ही
नायब तहसीलदार आशाराम वर्मा घटनास्थल पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि
मृतक भूमिहीन है, जिस कारण उसे किसान नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बताया
कि वह एक खेत में भाड़े पर फसल काट रहा था। जहां उसकी हालत बिगड़ने पर मौत
हो गई।
उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है। उधर, मृतक के परिजनों
का कहना है कि जिस खेत में वह फसल काट रहे थे, वह मकरंद व राजकुमार ने
ठेके पर लिया था। जिस पर उन्होंने गेहूं की फसल तैयार की थी। उधर, मल्लावां
कोतवाली क्षेत्र के गांव मगराहा के मजरा मल्लाहन पुरवा निवासी तोताराम
(55) ने करीब पांच बीघा खेत में गेहूं की फसल तैयार की थी।
इसके लिए
उन्होंने साहूकार से करीब एक लाख रुपये कर्ज भी लिया था। बेमौसम बारिश व
ओलावृष्टि के बाद बची फसल को जब वह कटवाने को रविवार शाम करीब 6:30 बजे खेत
पर पहुंचे और गेहूं की बाली तोड़कर देखी तो उसने दाना बहुत पतला देख सदमा
लगा।
कुछ ही देर बाद वह खेत पर गिर पड़े और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने
बताया कि हृदयगति रुकने से उनकी मौत हुई है। उनके दो बेटे सोनेलाल और महेश
अलग रहते। बताया कि 19 वर्षीय बेटी की शादी के लिए वह चिंतित रहते थे।
ग्राम प्रधान बीना देवी के पति सुरेश ने घटना की सूचना एसडीएम बिलग्राम को
दी है।