हरदोई। जिलाधिकारी अनुनय झा ने बृ़हस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा के साथ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
इस दौरान पीकू वार्ड के बाहर पानी में लार्वा नजर आने पर डीएम ने कहा कि इसीलिए लोग बीमार होते हैं। महिला अस्पताल में फर्श पर बैठी मिलीं तीमारदारों को देखकर भी डीएम ने नाराजगी जताई। यह भी कहा कि मेरे पास छह एसडीएम हैं। रोज एक एसडीएम को भेजकर व्यवस्थाएं दिखवाउंगा।
डीएम और सीडीओ बृहस्पतिवार शाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, सर्जिकल वार्ड, पीकू वार्ड, एक्सरे, ब्लड बैंक और महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। पीकू वार्ड में भर्ती दो साल के श्याम का हाल लिया तो सर्जिकल वार्ड में भर्ती मुन्नालाल से भी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ब्लड बैंक में बोर्ड पर दर्ज स्टॉक का मिलान कराया। यहां सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं।
महिला अस्पताल में भी अव्यवस्थाओं पर डीएम खासा नाराज दिखे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज को सीएसआर से तीन एंबुलेंस और एक शव वाहन जल्द ही दिलाए जाने की बात कही। महिला अस्पताल में हर फ्लोर पर इंक्लोस्ड और वेटिंग एरिया पर्दे लगाकर बनाए जाने के निर्देश दिए। सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखने के लिए भी कहा। आर्थोवार्ड को लेकर उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार हुआ है और अब यहां की शिकायतें कम मिल रही हैं।
सफाई, व्यवहार और सुरक्षा के लिए आपको कुछ मांगना नहीं
निरीक्षण के दौरान डीएम अनुनय झा ने प्राचार्य से सफाई, चिकित्सकों के व्यवहार और परिसर की सुरक्षा को लेकर बात की। डीएम ने कहा कि उक्त तीनों के लिए आपको किसी के पास जाना नहीं है। सब आपको ही करना है। मरीजों से चिकित्सक अच्छे से बात करें तो आधा दर्द दूर हो जाता है। सफाई कर्मी और सुरक्षा कर्मी पर्याप्त हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल किस तरह करना है यह प्राचार्य को ही तय करना पड़ेगा। डीएम ने यह भी बताया कि पुरानी ओपीडी के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। बजट आना बाकी है। बजट आते ही काम शुरू करा देंगे।
शुक्रवार को मैं खुद आऊंगा एक्सरे कराने, फिल्म मिलनी चाहिए
एक्सरे रूम के निरीक्षण के दौरान पता चला कि फिल्म और प्रिंट एक बटन की खराबी से नहीं मिल पा रहे हैं। इस बटन को सही कराने के लिए संबंधित कंपनी को पांच लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। इस पर डीएम ने मौके से ही कंपनी के उच्चाधिकारियों से बात की। कहा कि अगले शुक्रवार को मैं खुद एक्सरे कराने आऊंगा और फिल्म मिलनी चाहिए। उनका मतलब था कि शुक्रवार तक बटन सही हो जाए। इसी तरह बिजली व्यवस्था को लेकर भी पता चला कि 33-11 का उपकेंद्र बनना है। इसके लिए नौ करोड़ रुपये के सापेक्ष 4.83 करोड़ रुपये का भुगतान भी हो चुका है। इस पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता से शनिवार तक पूरी जानकारी देने के लिए कहा है।