हरदोई। सांडी विधायक प्रभाष कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में सीडब्लूसी के गोदामों में भंडारित चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम के निर्देश पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मायाशंकर की अगुवाई में गठित चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को विधायक के प्रतिनिधि की मौजूदगी में सीडब्लूसी के हरदोई व मलिहामऊ गोदाम जाकर चावल के मानक की जांच की। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच आख्या डीएम को सौंपी जाएगी।
विधायक प्रभाष कुमार ने 17 फरवरी को डीएम को पत्र लिखकर सीडब्लूसी के गोदामों में भंडारित चावल के अधोमानक होने की आशंका जताई थी। विधायक ने बताया कि मिलों से कुटाई के बाद सरकारी धान से तैयार चावल को सीडब्लूसी में भंडारित किया जाता है। यही चावल यहां से ब्लॉक गोदाम व वहां से कोटेदार के माध्यम से राशन वितरण प्रणाली के तहत कार्डधारकों तक पहुंचता है। विधायक ने गोदामों के हैंडलिंग ठेकेदारों की संलिप्ता बताई थी।
उन्होंने वर्ष 2005-06 में हुए ऐसे ही मामले का हवाला देकर पूरे मामले की जांच कराने को कहा था। विधायक के पत्र को संज्ञान में लेकर डीएम पुलकित खरे ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मायाशंकर यादव की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट समेत टीम में शामिल उप संचालक चकबंदी बद्री नरायन उपाध्याय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अनुराग पांडे व एफसीआई के प्रबंधक गुणवत्ता नियंत्रण आरएन सिंह ने शहर के मन्नापुरवा स्थित सीडब्लूसी व मलिहामऊ गांव स्थित सीडब्लूसी गोदाम जाकर भंडारित चावल के सैंपल लिए हैं।
विधायक के प्रतिनिधि रहे मौजूद
सीडब्लूसी के हरदोई व मलिहामऊ गोदाम में हुई चावल की गुणवत्ता की जांच के दौरान विधायक के प्रतिनिधि शिवम पांडे दोनों जगह मौजूद रहे। विधायक प्रतिनिधि के मौजूदगी में टीम ने अलग अलग चट्टों पर लगे चावल के सैंपल लिए और उसकी जांच की। टीम विधायक प्रतिनिधि को भी गुणवत्ता के बारे में जानकारी दे उन्हें संतुष्ट कराती रही।
जांचा गया 29 राइस मिलों का टैग लगा माल
विधायक प्रभाष कुमार की शिकायत पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मायाशंकर की अगुआई में टीम ने सीडब्लूसी हरदोई व मलिहामऊ गोदाम पहुंच कर विस्तृत जांच की। दोनों जगह पर लगभग पांच घंटे तक जांच चलती रही, इस दौरान सीडब्लूसी के अधिकारी व कर्मचारी जांच करने पहुंचे अधिकारियों के सवाल का जवाब देते रहे। चार सदस्यीय टीम ने 29 राइस मिलों द्वारा आपूर्ति किए गए व उनके टैग लगे बोरियों में रखे चावल की जांच की। टीम ने हरदोई गोदाम में 15 मिलो व मलिहामऊ में 14 मिलों से आए चावल की जांच की।
प्रयास है कि लोगों तक अच्छा खाद्यान्न पहुंचे
लोगों द्वारा कोटे पर लगातार खराब चावल मिलने की शिकायत की जा रही थी। पता चला कि गोदाम स्तर पर ही चावल की गुणवत्ता की अनदेखी की जाती है। लोगों तक अच्छा खाद्यान्न पहुंचे, इसी उद्देश्य के साथ ही जांच के लिए पत्र लिखा गया है। प्रयास है कि लोगों तक अच्छा खाद्यान्न पहुंचाया जा सके।
- प्रभाष कुमार, विधायक, विधानसभा क्षेत्र सांडी