फोटो-25-हरदोई रेलवे स्टेशन का भवन। संवाद
हरदोई। रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के दावों के बीच यात्रियों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्लेटफार्मों पर कोच की सटीक जानकारी देने के लिए महीनों पहले डिस्प्ले बोर्ड के खंभे तो गाड़ दिए गए, लेकिन उन पर इंडिकेटर लगाना विभाग भूल गया है। ट्रेन आने के समय यात्री अपनी बोगी ढूंढने के लिए सामान लेकर प्लेटफार्म पर एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने प्लेटफार्म पर डिजिटल कोच डिस्प्ले सिस्टम लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए बजट आवंटित कर खंभों को प्लेटफार्म पर कोच के स्थान पर स्थापित भी कर दिया गया। लेकिन काम की रफ्तार यहीं थम गई। स्थिति यह है कि लोहे के खंभे केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। खंभे प्लेटफार्म पर खड़े हुए हैं, जो कई बार यात्रियों को भूलवश दिखते भी नहीं हैं। ट्रेन पकड़ने के चक्कर में अक्सर यात्री इनसे टकरा जाते हैं और चोट लगा बैठते हैं।
वहीं, डिस्प्ले बोर्ड न होने के कारण यात्रियों को पुराने ढर्रे पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन के आते ही प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच जाती है क्योंकि यात्रियों को पता ही नहीं होता कि उनका कोच इंजन के पास आएगा या अंत में। सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि रेलवे स्टेशन का काम पूरा होने तक डिस्प्ले बोर्ड भी लगवा दिए जाएंगे, ताकि यात्रियों को सहूलियत मिल सके।