हरदोई। मेडिकल कॉलेज की पैथाेलॉजी में चूहों ने बायोकेमिस्ट्री और हार्माेनल मशीन के तार कुतर दिए हैं। इस कारण मशीनें बंद हो गईं।
मशीनें बंद होने की वजह से मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। जांच रिपोर्ट न आ पाने की वजह से कई मरीजों के ऑपरेशन रुके हुए हैं तो कई मरीजों काे सही ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है। बड़ी संख्या में मरीजों काे बाजार स्थित पैथाेलॉजी में जांच के लिए जाना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की पैथाेलॉजी में अत्याधुनिक मशीनें लग चुकी हैं। कई जांचें जो प्राइवेट पैथाेलॉजी में होती थीं, वह अब मेडिकल कॉलेज में कम शुल्क पर हो रही हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद उनकी सलाह पर मेडिकल कॉलेज में जांच करा रहे हैं। होली के बाद अचानक मौसम और खान-पान में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
इस सबके बीच पैथाेलॉजी में चूहों ने बायोकेमिस्ट्री मशीन और हार्माेनल मशीन के तार कुतर दिए। इस कारण दोनों मशीनेें ब्रेकडाउन में चली गईं। मशीनें बंद होने से थायराइड, एलएफटी, टीएसएच, हार्मोनल में विटामिन-डी और विटामिन-12 और अन्य जरूरी जांचें नहीं हो पा रहीं हैं। मशीन खराब होने से मंगलवार तक लगभग 605 नमूनों की जांच लंबित है। इनमें 200 नमूने सोमवार और 400 नमूने मंगलवार के हैं।
केस-1-
माधौपुर निवासी प्रमोद को हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराना था। उन्होंने सोमवार को एलएफटी कराने के लिए सैंपल दिया था। मशीन खराब होने के कारण जांच नहीं हो पाई और अब उनका ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा है।
केस-2-
पिहानी के गोविंद सिंह पत्नी कोमल की थायराइड की जांच कराने के लिए सैंपल दे गए थे। मंगलवार को भी रिपोर्ट नहीं मिली। रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें दवा भी नहीं मिल पा रही है। परेशानी यह कि उन्हें 27 किलोमीटर दूर से आना पड़ता है।
केस-3-
बहोरवा की श्रीमती ने चिकित्सक की सलाह पर जांच के लिए रक्त का नमूना मेडिकल कॉलेज की लैब में दिया था। 12 मार्च को नमूना देने के बाद भी मंगलवार को जांच रिपोर्ट नहीं मिली। अब दोबारा नमूना देने के लिए कहा गया है।
पैथोलाॅजी की मशीनों में कुछ तकनीकी समस्याएं आ गई हैं। इंजीनियरों को बुलाकर मशीनों को सुधारने का काम कराया जा रहा है। मशीन सही होते ही जांचें कराई जाने लगेंगी। -डॉ. जविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज