हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रों को जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाए जाने के लिए भले ही मुख्य विकास अधिकारी हर रोज समीक्षा कर रहीं हों, लेकिन खंड विकास अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी पात्रों के बैंक खातों में बजट भेजने के लिए एफटीओ (फंड ट्रांसफर आर्डर) नहीं किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण के लिए हर पात्र को एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। पहली किश्त के रूप में चालीस हजार रुपये, दूसरी किश्त में 70 हजार रुपये और आखिरी किश्त में दस हजार रुपये दिए जाते हैं। जनपद में उक्त योजना के तहत 14 विकास खंडों के 25 हजार 87 पात्रों का सत्यापन कराया जा चुका है।
इसके बावजूद महज 14 हजार 208 पात्रों का ही पंजीकरण किया गया है। पंजीकरण के बाद 5557 पात्रों की सभी औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद भी महज 2972 पात्रों के खातों में ही आवासीय योजना के तहत दी जाने वाली सहायता की पहली किश्त पहुंची है। कुल मिलाकर जिन पात्रों की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं उनमें भी 2585 पात्रों को अभी तक निर्माण कराने के लिए पहली किश्त नहीं मिली है। इन सभी पात्रों के बैंक खातों में के लिए फंड ट्रांसफर ऑर्डर खंड विकास अधिकारियों को करना है, लेकिन फिर भी पात्रों को इंतजार कराया जा रहा है।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बजट जारी न होने पर सीडीओ निधि गुप्ता वत्स खासी खफा हैं। दो दिन पहले ही वह ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और लापरवाही करने वाले खंड विकास अधिकारियों को चेता भी चुकी हैं, बावजूद इसके खंड विकास अधिकारियों के स्तर से कार्य में तेजी नहीं आ रही है। उधर, ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि सभी खंड विकास अधिकारियों को ही एफटीओ करना है। सभी को बताया जा चुका है कि जल्द से जल्द एफटीओ कर पात्रों के खाते में बजट भेज दें। उन्होंने बताया कि तीन दिनों में प्रक्रिया पूरी कर चुके पात्रों के खातों में आवास निर्माण की पहली किश्त नहीं पहुंची तो कार्रवाई की जाएगी।