आतिशबाजी बनाने के दौरान विस्फोट का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपामऊ। तौहीद को प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के तहत लाभ दिया गया है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना के तहत उसे अदद छत दी गई, लेकिन इसी छत के नीचे वह अवैध कारोबार करने लगा। नाम न छापने के अनुरोध पर उसके कई पड़ोसियों ने बताया कि हर साल दिवाली और सहालग के दौरान तौहीद आतिशबाजी बनाने का काम करता है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में भी इसकी पुष्टि हुई। कस्बे में आतिशबाजी बेचने के सिर्फ तीन लाइसेंस हैं। यह लाइसेंस मुन्ना उर्फ कमरूद्दीन, जाहिद उर्फ बाबा और अकील उर्फ बुद्धा के नाम से हैं। तीनों का नवीनीकरण भी वर्ष 2024 तक के लिए है।
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मातहतों ने अफसरों को बरगलाया
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचे एसपी केसी गोस्वामी को बताया कि मकान के अंदर शॉर्ट सर्किट हो जाने के कारण आग लगी और इसी के चलते विस्फोट हाे गया। हकीकत यह है कि शाॅर्ट सर्किट से आग नहीं लगी। आतिशबाजी बनाने के दौरान लाेहे की रॉड से बारूद पीटते समय विस्फोट हो गया। इसकी तस्दीक तौहीद के पड़ोसियो ने भी की।
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पता था तो इंस्पेक्टर क्या कर रहे थे
गोपामऊ कस्बे में हुई घटना के बाद एसपी ने मौके पर मौजूद लोगों के साथ ही तौहीद से भी पूछताछ की। इस दौरान जनता ने एसपी को बताया कि तंग गली में तौहीद ही नहीं, कई लोग आतिशबाजी बनाकर बेचने का अवैध कारोबार कर रहे हैं। इस पर एसपी के तेवर तीखे हो गए। एसपी ने मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों से कहा कि यहां सबको पता कि आतिशबाजी बनाने का कारोबार हो रहा है , लेकिन सवाल यह है कि इंस्पेक्टर क्या कर रहे थे।
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कमाई के लिए गया था, मिली मौत
घटना का पता चलने पर हरपाल के पिता सुरेंद्र और मां कमला बदहवास हो गए। ग्राम प्रधान किसी तरह उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सुरेंद्र हरियाणा में मजदूरी करता है। वह तीन दिन पहले ही गांव आया है। सुरेंद्र और उसके परिजनों को यह पता ही नहीं था कि हरपाल कहां काम कर रहा है। हरपाल ने इतना जरूर कहा था कि त्योहार पास आ रहा है, मजदूरी करके कुछ पैसा कमा लें तो त्योहार भी अच्छा मनेगा।