फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: सावन की बरसात में डूब गए पिहानी के घर मकान और पुल

विज्ञापन
विज्ञापन
पिहानी। सावन के आखिरी सप्ताह में झमाझम बारिश हुई। बारिश ने गर्मी से राहत दी लेकिन जलनिकासी के दावों की पोल भी खुल गई। पिहानी नगर के ज्यादातर मार्गाें पर जलभराव हो गया। बड़ी संख्या में लोगों के मकानों और दुकानों में पानी भर गया। इस कारण जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया।
विज्ञापन

बीते रविवार से बारिश का सिलसिला जारी है। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। सोमवार रात और फिर मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण पिहानी नगर का ज्यादातर इलाका पानी में डूबा नजर आया। नगर पालिका के नाला सफाई अभियान की पोल भी जलभराव ने खोल दी। बैंक, अस्पताल, कोतवाली और स्कूल परिसर तक में पानी भर गया। कुईयां उमरसेड़ा मार्ग और पिहानी करावां मार्ग स्थित सई नदी के पुल भी डूब गए। कई जगह लोग नाव के सहारे गृहस्थी लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखे।
बंदरपार्क, चमेलिया, कटरा बाजार, निजामपुर, मुरीदखानी, जूनियर हाईस्कूल रोड, बसड्डा, सल्लिया रोड, कोटकला, यूसुफ जई और ब्लॉक रोड पर भीषण जलभराव हुआ। पिहानी नगर के व्यापारी दीपक गुप्ता, नदीम, अतीक, सुलेमान, शमशुद्दीन, मंदीप ने बताया कि परचून, कपड़े, प्लाइवुड आदि की दुकानों में पानी भर गया। नगर में हुए जलभराव से निपटने के लिए पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि और अधिशासी अधिकारी ने भी मोर्चा संभालने का दावा किया है। जेसीबी के जरिये नालों में फंसा कूड़ा हटवाया गया। ईओ का कहना है कि ज्यादा बारिश से जलभराव हो गया। निकास के लिए नाले पर्याप्त नहीं हैं।
विज्ञापन




शाहाबाद नगर के मोहल्ला गिगियानी निवासी खालिद ने बकरियां पाल रखी हैं। उनके मकान के बाहर दीवार के सहारे टिनशेड पड़ा है। टिनशेड के नीचे 22 बकरियां बंधी हुई थीं। मंगलवार को बारिश के दौरान दीवार ढह गई। मलबे में दबकर 17 बकरियों की मौत हो गई। पांच बकरियां घायल हैं। घटना की जानकारी पर नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रघुवीर, लेखपाल आशीष शुक्ला मौके पर पहुंचे। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम भी कराया। नियमानुसार मुआवजा दिलाए जाने की बात नायब तहसीलदार ने कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें