हरदोई। अहिरोरी विकास खंड की 15 ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के नाम पर हुए गोलमाल को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बीडीओ और एडीओ से जवाब तलब करने के बाद अब मनरेगा उपायुक्त ने पौधों की खरीद के लिए दो नर्सरी को किए गए भुगतान को निकालने पर रोक लगा दी है।
गत मंगलवार को अमर उजाला ने अहिरोरी विकास खंड में पौधरोपण के नाम पर 15 ग्राम पंचायतों में हुए खेल का खुलासा किया था। पौधों की खरीद के नाम पर मनरेगा से लगभग साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान मलिहाबाद की दो नर्सरी को किया गया था। अफसरों को भ्रमित करने के उद्देश्य से इन पौधों को स्वयं सहायता समूह के जरिये खरीदे जाने की बात कही गई थी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार और सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने इस पर गंभीर रुख अपनाया था।
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने जब बीडीओ अहिरोरी अमरेश सिंह चौहान और एडीओ आईएसबी राजीव पांडेय से जवाब तलब किया तो कुछ नई जानकारियां सामने आईं। इसी आधार पर मनरेगा उपायुक्त ने लखनऊ जनपद के माल स्थित एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक और माल में ही स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा है।
इसमें कहा है कि अहिरोरी में पौध क्रय में अनियमितता के कारण जांच चल रही है। ऐसे में मनरेगा के तहत पौध खरीद के नाम पर जो भुगतान प्रत्यूष नर्सरी और तनुप्रिया नर्सरी मलिहाबाद के खाते में भेजा गया है, उसका आहरण न होने दें। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि विस्तृत जांच पौधरोपण से जुड़ी सभी पत्रावलियां मिलने पर ही हो पाएगी।