कछौना/सवायजपुर। लखनऊ में बीते सोमवार को हुए अग्निकांड के बाद अफसरों की सक्रियता का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसमेंट में अस्पताल, लाइब्रेरी और कंप्यूटर सेंटर किसी भी हाल में संचालित न होने देने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मैदान में उतरने लगे। नतीजा यह हुआ कि बेसमेंट में चल रही कई गतिविधियां बंद हो गईं। लाइब्रेरी पर ताले पड़े और बोर्ड तक हट गए। इससे इतर अस्पताल संचालक अब भी नहीं मान रहे हैं। कछौना में दो अस्पतालों के कई वार्डों का संचालन बेसमेंट में ही हो रहा है। पेश है कछौना के सहयोगी अजय सिंह और सवायजपुर के सहयोगी दीपक दीक्षित की रिपोर्ट ...
एनबी और गोल्डन हॉस्पिटल के बेसमेंट में चल रहा मरीजों का इलाज
कछौना के पावर हाउस रोड पर एनबी हॉस्पिटल है। 48 बेड के इस हॉस्पिटल का एक वार्ड बेसमेंट में भी संचालित है। बेसमेंट में संचालित वार्ड में लगभग 20 मरीजों को भर्ती किए जाने की व्यवस्था है। बृहस्पतिवार दोपहर भी यहां मरीज भर्ती थे और रोजमर्रा की तरह यहां सामान्य तौर पर मरीजों का इलाज हो रहा था। कछौना में ही स्टेशन रोड पर गोल्डन हॉस्पिटल है। यहां भी बेसमेंट में अस्पताल का संचालन हो रहा है।
बेसमेंट वाले अस्पताल में ताला, बिना डॉक्टर वाले अस्पताल का मालिक खुद बीमार
सवायजपुर में तहसील के ठीक पास नवजीवन हॉस्पिटल संचालित है। बृहस्पतिवार दोपहर यहां ऊंचागांव निवासी भूरा भर्ती मिले। उनसे डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो कुछ नहीं बता पाए। संचालक खम्हरिया निवासी प्रदीप यादव से अस्पताल को लेकर जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि अब अस्पताल बंद कर देंगे। वजह बताई तो वह खुद इलाज के लिए एक अस्पताल में भर्ती हैं। यहां डॉक्टर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। यहीं पास में शुभ हॉस्पिटल है। यह हॉस्पिटल बेसमेंट में संचालित था। बृहस्पतिवार को यहां ताला पड़ा मिला।
बेसमेंट में चल रही थी कोचिंग, ताले पड़े बोर्ड तक उतार ले गए
नवजीवन हॉस्पिटल के बेसमेंट में डिजिटल लाइब्रेरी चलती थी। बुधवार तक यहां लाइब्रेरी का संचालन हो रहा था। बड़ी संख्या में यहां विद्यार्थी पढ़ने आते थे। बुधवार को हरदोई में बेसमेंट में चल रही कोचिंगों को सील किए जाने की जानकारी पर रातों रात इस कोचिंग में ताला पड़ गया। कोचिंग का बोर्ड तक यहां से उतर गया। इसी तरह तहसील से लगभग 500 मीटर दूर बेसमेंट में एक कोचिंग संचालित थी। रातों रात यहां भी ताला पड़ गया। यहां से भी कोचिंग का बोर्ड हट गया है।
फोटो-11-सवायजपुर में स्थित नवजीवन हॉस्पिटल। इसकी बेसमेंट में कोचिंग भी चल रही थी। संवाद
फोटो-11-सवायजपुर में स्थित नवजीवन हॉस्पिटल। इसकी बेसमेंट में कोचिंग भी चल रही थी। संवाद
फोटो-11-सवायजपुर में स्थित नवजीवन हॉस्पिटल। इसकी बेसमेंट में कोचिंग भी चल रही थी। संवाद