- सांसद और विधायक निधि से लाइटों को लगवाए जाने के प्रस्ताव पर आए हैं इस्टीमेट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। एक जैसे काम के लिए कार्यदायी संस्थाओं की ओर से अलग-अलग इस्टीमेट दिए जा रहे हैं। जिससे एक जैसे काम की लागत में अंतर से संस्थाओं के काम को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से यह इस्टीमेट सांसद और विधायक निधि से कराए जाने वाले काम के प्रस्ताव पर दिए जा रहे हैं।
सांसद और विधायक से होने वाले कामों के लिए संबंधित जनप्रतिनिधि की ओर से नोडल एजेंसी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को प्रस्ताव दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर संबंधित कार्यदायी संस्था की ओर से काम के लिए इस्टीमेट लिए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की ओर से अपने क्षेत्र में लगवाई जाने वाली लाइटों के प्रस्ताव पर कार्यदायी संस्थाओं की ओर से अलग-अलग लागत के इस्टीमेट दिए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्तावित संस्थाओं से ही काम कराना नोडल एजेंसी की मजबूरी होती है, जिससे उस संस्था का इस्टीमेट भी मानना पड़ता है।
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सांसद और विधायक निधि के प्रस्तावों पर अधिकतर लाइटों को लगवाए जाने के प्रस्ताव पर कार्यदायी संस्थाओं की ओर से अलग-अलग लागत के इस्टीमेट जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को मिल रहे हैं। एक जैसे काम के लिए अलग-अलग इस्टीमेट मिलना ठीक नहीं है। इस पर परीक्षण कराते हुए काम की लागत में अंतर के कारणों की जानकारी कराई जाएगी। - सौम्या गुरूरानी, सीडीओ