हरदोई। जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज में ऑनलाइन कक्षाओं में छात्राओं की मांग को देखते हुए अंग्रेजी विषय पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। प्रधानाचार्या के अनुसार विधिवत रूप से 20 अप्रैल को शुरू हो जाएंगी। योजना तैयार कर ली गई है, कक्षावार ग्रुप बनाकर टीचिंग की जाएगी। अलग-अलग कक्षाओं का बालिकाओं का व्हाट्स एप नंबर एकत्र किए जा रहे हैं।
लॉकडाउन के चलते कालेज बंद हैं और छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी अपने-अपने घरों में सुरक्षित हैं लेकिन विद्यार्थियों का समय भी नष्ट हो रहा है। ऐसे में शासन ने ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को लेकर माध्यमिक कालेजों को अलर्ट किया। इसके बाद जिले के कई कालेजों ने ऑनलाइन टीचिंग शुरू भी कर दी है। जिसके साथ घंटाघर रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज भी पीछे नहीं है। ऑनलाइन लर्निंग क्लासेज को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
स्कूल भले ही बंद हों लेकिन घरों में ही रहकर प्रधानाचार्या व शिक्षिकाएं आपस में मोबाइल पर वार्ता कर रणनीति तैयार कर रहीं हैं। अपनी-अपनी कक्षाओं की बालिकाओं के व्हाट़्सएप नंबरों को एकत्र कर लिया गया है। प्रधानाचार्या शालिनी शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में कक्षा छह से 12 की छात्राएं हैं।
कुल 800 छात्राएं हैं। 11 शिक्षिकाओं को इनकी तैयारी करवानी है। कुछ के नंबर कालेज रिकार्ड में हैं लेकिन व्हाट्सएप कई नंबरों पर नहीं हैं जिसके बाद उनसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कक्षावार ग्रुप तैयार हो रहे हैं उन्हीं में टीचिंग ऑनलाइन शुरू की जाएगी।
हरदोई। प्रधानाचार्या शालिनी शर्मा का कहना है कि अभी तक 800 बालिकाओं में से 30 प्रतिशत के नंबर एकत्र कर लिए गए हैं। जिनसे कहीं न कहीं बात भी होने लगी है। उनसे अन्य छात्राओं के भी नंबर मांगे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई छात्राओं के फोन विद्यालय की प्रधानाचार्या के पास आ रहे हैं जोकि अंग्रेजी विषय को लेकर काफी डरी हुईं हैं। बालिकाओं का कहना है कि और विषय तो तैयार कर सकते हैं लेकिन अंग्रेजी व गणित ऐसे विषय हैं जिसमें ज्यादा से ज्यादा हेल्प की जरूरत होगी।
हरदोई। अभी तक जो रणनीति बनी है उसमें यह बताया गया कि शिक्षिकाएं टापिक पर अपना व्याख्यान का वीडियो बनाकर अपलोड करेंगी। जिससे छात्राएं नोट्स तैयार करेंगी। प्रधानाचार्या ने बताया कि कक्षा 10 व 12 की परीक्षा दे चुकीं छात्राएं रोजाना फोन करती हैं और रिजल्ट को लेकर प्रश्र करती हैं। इसको लेकर वह सहमी हुईं भी हैं कि आगे क्या होगा। जिसके बाद उन्हें समझाया जाता है कि कुछ नहीं होगा उनकी आगे की कक्षाओं में प्रवेश के साथ विधिवत पढ़ाई होगी।
हरदोई। प्रधानाचार्या ने बताया कि सभी शिक्षिकाएं अपने दायित्वों के प्रति सजग हैं लेकिन अभी तक जो समस्या सामने आई है उसमें बालिकाओं या अभिभावकों के पास व्हाट्सएप संचालित फोन की कमी है। । इसी के कमी के चलते शत प्रतिशत बालिकाओं तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।