हरदोई। विश्व क्षय रोग दिवस पर पीएचसी एवं सीएचसी परिसर में इस रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। अफसरों ने क्षय रोगियों को गोद लेकर उनके पूरा इलाज व पौष्टिकता का आश्वासन दिया। साथ ही इस रोग को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया।
पिहानी में गुरुवार को सीएचसी परिसर में आयोजन हुआ। अफसरों ने पहले चरण में 14 रोगियों को गोद लेने की घोषणा की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि क्षयरोग (टीबी) एक घातक संक्रामक रोग है।
क्षयरोगी जब खांसता, छींकता या बोलता है तो उसके साथ संक्रामक ड्रॉपलेट न्यूक्लीआई उत्पन्न होता है। यह हवा में घुलकर अन्य व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। उन्होंने क्षय रोग से बचाव के तरीके भी बताए।
अधीक्षक समेत बीडीओ प्रमेंद्र पांडेय, खंड शिक्षाधिकारी अमर सिंह राणा, बाल विकास परियोजनाधिकारी सूफिया बानो ने कुल 14 क्षय रोगियों को गोद लेने की घोषणा की। इस मौके पर डॉ. जुबैर, सुरेंद्र कुमार व अब्दुल कय्यूम आदि मौजूद रहे।
उधर, मल्लावां सीएचसी में विश्व क्षय रोग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधीक्षक डॉ. अरविंद मिश्रा ने कहा कि हम सब प्रण लें कि इस रोग को जड़ से खत्म करना है।
इसके लिए समाजसेवी, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों को पांच-पांच मरीजों को गोद लेकर उनका ध्यान रखना है। डॉ. संजय सिंह, उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
इसी तरह बेनीगंज नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचसीएल फाउंडेशन ने विश्व क्षय रोग दिवस मनाया। फाउंडेशन के डॉ. राहुल ने कहा कि क्षय रोग के बारे में जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है।
शिप्रा शुक्ला ने कहा कि कम से कम तीन सप्ताह तक लगातार खांसी आना क्षय रोग का प्रमुख लक्षण है। ठंड लगना, बुखार, भूख न लगना और वजन कम होना इसके अन्य लक्षण हैं।
इस दौरान सभी ने क्षय रोग को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। फार्मासिस्ट अमित सिंह, वंदना शुक्ला, राजेश्वरी देवी, सरोजनी देवी, प्रमोद कुमार, मस्तराम आदि भी मौजूद रहे।
उधर, राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस पर माधौगंज सीएचसी में 13 मरीजों को पोषण किट प्रदान की गई। शिविर में 107 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवा दी गई। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने किया।
ग्राम सभा शहब्दा के पंचायत भवन में गोष्ठी का आयोजन हुआ। गांव को क्षय रोग से मुक्त करने की शपथ सीएचओ प्राची सिंह ने दिलाई। बेहंदर सीएचसी पर प्रभारी डॉ. शैलेंद्र शुक्ला ने कार्यक्रम में कहा कि क्षय रोग लाइलाज बीमारी नहीं है।
इसी तरह बिलग्राम सीएचसी में 133 मरीजों को गोद लेने का संकल्प लिया गया। सीएचसी इंचार्ज डॉ. विनीत तिवारी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज को गोद ले सकता है।
सीएचसी पर तैनात डॉ. लियाकत, डॉ. रविकांत शर्मा, डॉ. संजय चौधरी, डॉ. कपिल देव त्रिपाठी, डॉ. शैलेश दीक्षित, डॉ. जेपी गुप्ता, डॉ. प्रदीप, डॉ. नालिनी, डॉ. निशा, डॉ. मंजू गौतम आदि ने 15 मरीजों को गोद लिया।
संडीला सीएचसी पर कार्यक्रम का आयोजन एचसीएल फाउंडेशन ने किया। अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य ने कहा कि क्षय रोग से मुक्ति के लिए यहां 26 मरीजों को गोद लिया गया।