हरदोई। कछौना विकास खंड की ग्राम पंचायत पतसेनी देहात के तिरवा में स्थित गोशाला में 17 सितंबर को हुई मवेशियों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। गोशाला में बंद 14 मवेशी एक सप्ताह पहले से बीमार थे, लेकिन ग्राम प्रधान ने उनका इलाज कराने में रुचि नहीं ली और इसकी जानकारी भी उच्चाधिकारियों को नहीं दी। आठ मवेशियों की मौत निमोनिया के कारण होने की भी पुष्टि हुई है। डीएम ने उक्त प्रकरण में पतसेनी देहात के प्रधान को नोटिस जारी कर 21 दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
तिरवा गोशाला में 17 सितंबर को बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत होने की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद डीएम अविनाश कुमार ने तत्कालीन एडीएम संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय समेत तीन अधिकारियों को मौके पर भेजकर आख्या मांगी थी। तब आठ मवेशियों की मौत होने और छह के बीमार होने की पुष्टि हुई थी। पूरे मामले में नई जानकारी
यह है कि डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि घटना के सात दिन पहले से 14 मवेशी बीमार थे। यह सभी मवेशी अधिक उम्र के थे और 16 और 17 को हुई बारिश के कारण जलभराव होने से यह मवेशी निमोनिया पीड़ित हो गए और इनमें से आठ की मौत हो गई।
जांच आख्या के आधार पर डीएम अविनाश कुमार ने ग्राम प्रधान मोहम्मद मुख्तार को नोटिस जारी की है। नोटिस में कहा गया है कि पशु आश्रय स्थलों में मवेशियों की देखरेख, चारा पानी, रहन सहन और बारिश से बचाए जाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, सचिव और पशु चिकित्साधिकारी की है। अगर ग्राम प्रधान ने निगरानी की होती, तो मवेशियों की बीमारी का पता चल जाता और विपरीत परिस्थिति सामने नहीं आती। 21 दिन के अंदर संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।