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क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले 60 फीसदी किसानों को नहीं मिला भुगतान

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धान क्रय केंद्र पर खड़ी ट्रैक्टर ट्रालियां। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। पहले तो किसानों को धान बेचने के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ रहा है, जैसे तैसे धान बिक गया तो खाते में रुपये नहीं पहुंच पा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक विपणन विभाग व एजेंसियां ने अब तक धान बेचने वाले किसानों को 40 फीसदी भुगतान किया है। जबकि 60 फीसदी भुगतान अब भी लंबित है। भुगतान की जानकारी लेेने के लिए परेशान किसान एजेंसियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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जनपद में 23 लाख क्विंटल खरीद के लक्ष्य के साथ विपणन विभाग समेत पांच अन्य एजेंसियां 92 क्रय केंद्रों पर धान खरीद रही हैं। इन केंद्रों पर धान तौलाने के लिए किसानों को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है, किसान जैसे तैसे अपनी उपज की तौल करा पा रहे हैं। खरीद में अव्यवस्था के साथ-साथ अब भुगतान की स्थिति भी बेपटरी हो गई है।
शासन ने 72 घंटे के अंदर किसानों के खाते में भुगतान की भेजने की निर्देश दिए हैं, जबकि हकीकत यह है कि खातों में धनराशि पहुंचने में 15 से 20 दिन तक लग रहे हैं। विभागीय आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। विपणन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में मंगलवार शाम तक 92 क्रय केंद्रों पर 7218 किसानों से लगभग 5 लाख 71 हजार 980 क्विंटल धान की खरीद की गई है। इसके सापेक्ष विभाग व एजेंसी पर निर्धारित दरों के मुताबिक 110 करोड़ 59 लाख रुपये की किसानों की देयता बनती है, लेकिन विभाग अभी तक मात्र 46 करोड़ रुपये का भुगतान ही किसानों को कर सका है, जबकि 64 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान लंबित हैं।
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किसानों को भुगतान पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिये किया जाता है। कोई भुगतान गलत न हो जाए इसलिए खाता आधार व खतौनी, तीनों में दर्ज नाम व खाता नंबर का मिलान होने के बाद ही भुगतान खाते में भेजा जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। प्रयास है कि जिन किसानों के भुगतान लंबित हैं, उनके खाते में जल्द भुगतान भिजवाए जाए।
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-अनुराग पांडेय, डिप्टी आरएमओ, हरदोई
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