फोटो-01- शहीद उद्यान में तालाब पर लगा ईटीपी। संवाद
फोटो-02- शहीद उद्यान में सूखा पड़ा तालाब। संवाद
- एक लाख लीटर पानी प्रतिदिन पानी साफ करने की क्षमता का ईटीपी शहीद उद्यान में ठप पड़ा
- नाला-नालियों को न जोड़े जाने से ईटीपी के लिए नहीं मिल पा रहा पर्याप्त पानी, तालाब भी खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मंशा तो अच्छी है, लेकिन उद्देश्यों में सफल नहीं हो सकी। शहर में घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ और तालाब को लबालब किए जाने के लिए लगवाया गया ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) बंद है। जिससे न तो गंदा पानी साफ हो पा रहा है और न ही तालाब में पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ कर शहीद उद्यान स्थित तालाब को भरे जाने के लिए करीब 78 लाख रुपये से ईटीपी की स्थापना कराई गई है। प्लांट में प्रतिदिन औसतन एक लाख लीटर पानी को साफ करने क्षमता है। 2020-21 में स्थापित कराए गए ईटीपी से कुछ दिन तक गंदे पानी को साफ किए जाने का काम किया गया, लेकिन फिर जिम्मेदारों की अनदेखी से काम ठप हो गया।
शहीद उद्यान स्थित तालाब में सभी मौसम में पानी उपलब्ध कराने के साथ ही बतख और मोटर वोट डलवाए जाने के उद्देश्य से ईटीपी को परिसर में ही स्थापित कराया गया है। हाल यह है कि बरसात के मौसम में ही तालाब में पानी उपलब्ध हो पाता है, जबकि बरसात के कुछ दिन बाद ही तालाब सूख जाता है।
शहीद उद्यान में तालाब होने के कारण वहां पर सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों के लिए पाथ-वे भी बना हुआ है। बच्चे भी खेलने और मनोरंजन के उद्देश्य से आते हैं। ऐसे में पानी न होने पर अक्सर बच्चे तालाब में क्रिकेट, गिल्ली-डंडा आदि खेलते दिखाई दे जाते हैं। जिससे ईटीपी अपने उद्देश्यों में सफल नहीं होता दिख रहा है।
पानी ही नहीं मिल पा रहा
ईटीपी की स्थापना के साथ ही पानी की उपलब्धता के लिए नाला-नालियों को भी जोड़ा जाना था। नगरीय निकाय की तरफ से शहीद उद्यान में ईटीपी तो स्थापित करा लिया गया, लेकिन पानी की उपलब्धता के लिए नाला-नालियों को आपस में नहीं जोड़ा गया है। जिससे पानी ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और ईटीपी शोपीस बना हुआ है।
ईटीपी की कार्य प्रणाली
एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) एक ऐसी प्रणाली है जो उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी (अपशिष्ट जल) को पर्यावरण में छोड़ने या फिर से उपयोग करने से पहले उसमें से गंदगी को हटाकर शुद्ध करती है। यह पानी को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाता है, पर्यावरण की रक्षा करता है और कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करता है।
वर्जन
शहीद उद्यान में स्थापित ईटीपी संचालित नहीं है, इसकी जानकारी है। ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कराया जाना है, ताकि ईटीपी को पानी उपलब्ध हो सके। शहीद उद्यान के पास से निकले नाला से पर्याप्त गंदा पानी नहीं मिल पाता है। ड्रेनेज सिस्टम को सही कराने और ईटीपी को पानी उपलब्ध कराने का प्रयास है। जल्द ही इस पर भी काम किया जाएगा।रामेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद