हरदोई। गांवों में आमजन को ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के लिए भवन बनवाए जा रहे हैं। पंचायत सचिवालय में बनवाए जाने वाले इन भवनों के निर्माण पर जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ रही है। पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में स्वीकृत 42 भवनों में से अभी तक 14 भवन ही बन पाए हैं।
आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित भूमि-भवन के कागज, खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री, विभिन्न पेंशन और वजीफा आदि की ऑनलाइन सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए सीएससी की स्थापना कराई गई है। ग्राम पंचायतों में सीएससी की स्थापना पंचायत सचिवालयों में करा दी गई लेकिन काफी पुराने और पहले से बने पंचायत सचिवालयों में दो ही कक्ष होने के कारण कार्यालय और सीएससी संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इससे पंचायत के कामकाज और सीएससी का काम भी प्रभावित होता है।
पंचायतीराज विभाग ने ऐसी 42 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवालयों में सीएससी भवन बनवाए जाने की स्वीकृति दी। इसके लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ही काम कराने के लिए रुपये भी अलग से दिए जाते हैं। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में भवन बनवाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। काम पूरा होने पर एसएनए स्पर्श के माध्यम से भुगतान का प्रावधान है।
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कहीं दीवारें तो कहीं लिंटर तक का ही हो पाया काम
पंचायत सचिवालयों में बनवाए जाने वाले सीएससी भवनों में से 28 भवनों का काम अधूरा है। एक पड़ताल में पता चला कि कहीं भवन बनवाए जाने के लिए अभी दीवारें ही बन पाई हैं तो कहीं लिंटर तक ही काम हो पाया है। कई पंचायतों में छत बनवाए जाने के लिए शटरिंग लगवाई लेकिन वह भी पूरी तरह से नहीं लगी। इससे छत ढलाई का काम भी नहीं हो सका। उधर, दूसरी ओर भवनों के पूरा होने पर ही एसएनए स्पर्श के माध्यम से भुगतान की अनिवार्यता दी गई है। भुगतान के लिए भवन बने होने की फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करानी होती है।
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पांच लाख रुपये से बनवाए जा रहे सीएससी कक्ष
गांवों में आमजन के लिए विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंचायत सचिवालय में काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की स्थापना कराई गई है। काफी पहले ग्राम पंचायतों में बनवाए गए एक-दो कक्ष वाले पंचायत सचिवालयों में सीएससी भवन बनवाए जाने की पंचायतीराज विभाग ने व्यवस्था दी है। पंचायतीराज विभाग ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत और पंचायत सचिवों के माध्यम से ऐसी ग्राम पंचायतों को चिह्नित कराया है। एक सीएससी भवन बनवाए जाने के लिए पांच लाख रुपये पंचायतीराज विभाग के माध्यम से दिए जाते हैं।
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सीएससी भवनों को बनवाए जाने की समीक्षा की जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष के 28 भवन अभी पूरे नहीं हुए हैं। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। काम समय से न होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। -श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी
फोटो 24: कुछ इस तरह से ग्राम पंचायतों में बनवाए जाने हैं सीएससी भवन। स्रोत : विभाग