सांडी। बरौलिया में कैंसर पीड़ित युवक की मौत का सदमा मां बर्दाश्त न कर सकी। बेटे का अंतिम संस्कार करने की तैयारी के बीच मां की भी मौत हो गई। एक ही घर से एक साथ दो अर्थियां निकलती देख हर किसी की आंख नम हो गई।
बरौलिया निवासी विश्राम (40) पिछले आठ वर्ष से कैंसर से पीड़ित था। बृहस्पतिवार की रात नौ बजे उसकी मौत घर में ही हो गई। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। बेटे के शव के पास उसकी मां रामदुलारी (65) बैठकर रोती रही। आधीरात के बाद लगभग तीन बजे रामदुलारी ने भी दम तोड़ दिया। पहले तो लोग समझते रहे कि वह शोक में बेटे पर लुढ़क गई है, लेकिन बाद में पता चला कि उसकी मौत हो गई है। छह घंटे के अंदर मां बेटे की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया। दोनों का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया।