पिहानी। पाक रमजान-ए-माह की शुरुआत के साथ ही मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल-पहल रही। नमाज, रोजा और तरावीह को लेकर मासूम बच्चों और नौजवानों में विशेष उत्साह नजर आया। इस मुबारक माह की आमद से कस्बे की मस्जिदें गुलजार हो गई हैं।
रमजान का चांद निकलने के साथ ही इफ्तार और सहरी के पकवान और फल की दुकानें सज धज गई हैं। शाम को इफ्तार के समय समोसे, टिक्की, गुझिया और पकौड़ी आदि के स्टालों पर रोजेदारों ने जमकर खरीद फरोख्त की।
मस्जिदों में इबादतों का दौर जारी रहा। मुफ्ती नजीब अहमद कासमी ने बताया कि रमजान का महीना नेकियों का मौसम है। अल्लाह इस माह में हर नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ाकर देता है। इसमें कसरत से इबादत और नेकियां करनी चाहिए।
कुरआन शरीफ इसी माह में नाजिल की गई। आम दिनों में कुरआन पढ़ने का फायदा यह है कि इसके हर हर्फ पर 10 नेकियां मिलती हैं। रमजान में यह 10 नेकियां 70 गुना और बढ़ जाती हैं।
लिहाजा रोजा नमाज के साथ इस माह में कसरत के साथ कुरआन की तिलावत करनी चहिए। इसके अलावा रमजान के दौरान अपने गरीब पड़ोसियों की भी खबरगीरी रखें।
कमजोर और गरीब के लिए खाने पीने का बंदोबस्त करने वाले लोगों के हिस्से में भी सत्तर गुना ज्यादा नेकी लिखी जाती है। रोजे की हालत में सब्र और शुक्र दोनों जरूरी हैं।