मल्लावां। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के राघौपुर मेहंदीघाट मार्ग पर बाइक सवार तीन दोस्तों को पेंट लदे कंटेनर ने टक्कर मार दी।
घटनास्थल पर ही दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीसरे को सीएचसी मल्लावां में मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने कंटेनर के चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सांडी थाना क्षेत्र के समजलपुर निवासी मलखान (50) खेती करते थे। उनके फूफा सोम नारायण मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मगरहा गांव में रहते हैं। इन दिनों उनके खेत में भुट्टे की फसल तैयार है। भुट्टे खाने के लिए मलखान बृहस्पतिवार को अपने दोस्तों के साथ हरपालपुर कस्बा निवासी राजमंगल (45) और सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के बरसोहिया गांव निवासी लल्ला भइया उर्फ राजेंद्र (58) के साथ मोपेड से मगरहा गए थे।
शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे तीनों दोस्त वापस घर जाने के लिए मोपेड से निकले थे। गांव के संपर्क मार्ग से निकलकर जैसे ही राघैापुर मेहंदीघाट मार्ग पर पहुंचे वैसे ही गाजियाबाद से पेंट लादकर संडीला जा रहे कंटेनर ने मोपेड में टक्कर मार दी।
घटना में राजमंगल और लल्ला भइया की मौके पर ही मौत हो गई। मलखान को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्लावां भेजा गया। यहां चिकित्सक ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर सीएचसी पहुंचे रिश्तेदारों ने मलखान की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। सीओ सुनील शर्मा ने बताया कि कंटेनर को पुलिस ने पकड़ लिया है। चालक एटा जनपद के छछेरा थाना क्षेत्र के पूरा जीटी रोड गांव निवासी विजय पाल को हिरासत में लिया गया है। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
मलखान, राजमंगल और लल्ला भईया की जाति अलग-अलग थी। इसके बावजूद पिछले 25 वर्ष से अधिक समय से तीनों के बीच गहरी दोस्ती थी। तीनों परिवारों का भी आपस में आना-जाना था। तीन में से कोई भी अपने रिश्तेदार के यहां जाता था तो बाकी दो भी साथ जाते थे। बृहस्पतिवार को भी यही हुआ। मलखान के फूफा के घर सभी लोग भुट्टा खाने के लिए गए थे। वहां से वापस घर जाने के लिए निकले और रास्ते में हादसा हो गया। मलखान खेती करते थे। परिवार में पत्नी गजमोहिनी हैं। उनके संतान नहीं थी, लेकिन परिवार की ही एक बेटी को गोद लिया था। राजमंगल भी खेती करते थे। उनके परिवार में पत्नी रामगुनी, तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।
मल्लावां से राघौपुर होते हुए मेंहदीघाट जाने वाली सड़क की स्थिति अच्छी है। इसी वजह से इस रोड पर निकलने वाले वाहनों की रफ्तार भी तेज होती है। सड़क के किनारे स्थित अधिकांश गांवों के बाहर दुकानों से अतिक्रमण कर लिया गया है। इसके अलावा बड़ी-बड़ी झाड़ियां भी सड़क पर हो गई हैं। इसके चलते आए दिन दुर्घटना होती है। मगरहा गांव के मोड़ के किनारे भी गुमटियां रखी हुई हैं। बड़ी-बड़ी झाड़ियां भी हैं। इसलिए दूर से सड़क का आवागमन दिखाई नहीं देता।