हरदोई। नुमाइश मैैदान में चल रहे रामलीला मंचन कार्यक्रम में सोमवार को राम वनवास प्रसंग का मंचन बेहद भावपूर्ण ढंग से किया गया। वृंदावन से आए कलाकारों ने राम वनवास से पहले अयोध्या नगरी के कई प्रसंगों का मंचन कर अपने हुनर से सभी का मन मोह लिया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि महारानी कैकेई की बुद्धि को दासी मंथरा ने भ्रमित कर दिया। मंथरा ने कहा कि यदि राम का राजतिलक हो गया तो भरत का क्या होगा।
महारानी कहती हैं कि दासी तू ही बता मैं क्या करूं। दासी मंथरा ने कहा कि महाराज के पास आपके देवासुर संग्राम के दो वरदान रखे हैं। दोनों वरदान मांग लो।
पहले वरदान में भरत के लिए राज्य मांगना और दूसरे वरदान में राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगना। महारानी कैकेई कोप भवन में जाकर बैठ गई। महाराज दशरथ वहां गए और पूछा रानी तुझे क्या चाहिए।
महारानी ने कह दिया मुझे दो वरदानों में पहला भारत का राजतिलक दूसरा राम के लिए 14 वर्ष का वनवास चाहिए। यह सुनकर दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। प्रभु राम को पता चलता है तो वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं।
सीता जी व लक्ष्मण भी उनके साथ जाते हैं। इससे पहले कन्यादान योजना समिति के संरक्षक पूर्व पालिकाध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला के साथ गोपेश दीक्षित रामदरबार का पूजन किया।
इस मौके पर सचिन मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी, गौरव मिश्रा, निहारिका सिंह, ग्लेज एंटोनी, गीता सिंह, दीक्षा, नेहा, नितिन, राकेश त्रिपाठी, हिमांशू गुप्ता, दीपक कपूर, अनीश मंसूरी, राजू, शरीफ़ आदि रहे।