हरदोई। गांवों में विकास और हैंडपंपों की मरम्मत और भुगतान में गड़बड़ी पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने मल्लावां की ग्राम पंचायत मझिया जाफरपुर की प्रधान नरेंद्र सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन के आदेश दिए हैं।
डीएम ने यह कार्रवाई मझिया जाफरपुर निवासी महेंद्र सिंह आदि के विधानसभा की पंचायतीराज समिति के सभापति को संबोधित शिकायती पत्र पर जांच और नोटिस के जवाब के परीक्षण पर की है। बताया कि साल 2022-23 और 2023-24 में भुगतान और काम में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। जांच सहायक श्रमायुक्त और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से कराई गई। जांच में टायलीकरण के लिए 6,50,000 रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि काम अधूरा मिला। ऐसे ही साल 2023-24 में 19 हैंडपंपों की मरम्मत पर 3,55,406 रुपये का भुगतान किया गया है। जांच समिति को मरम्मत कराए गए हैंडपंप और निकले स्क्रैप यानी की पुराने पाइप और हैंडपंप मशीन को नहीं दिखाया जा सका।
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दो सदस्यीय समिति करेगी जांच
डीएम अनुनय झा ने बताया कि प्रारंभिक जांच और नोटिस के जवाब के परीक्षण के बाद प्रधान के अधिकारों पर रोक लगाई गई है। वहीं अंतिम जांच के लिए श्रम रोजगार उपायुक्त और राष्ट्रीय प्रबंध योजना के अधिशासी अभियंता को नामित किया गया है। बताया कि पंचायत सचिव भावना सिंह, तत्कालीन पंचायत सचिव विजेंद्र सिंह के विरुद्ध के कार्रवाई के आदेश डीडीओ को दिए गए हैं।