फोटो 42: लालपुर फाटक गांव में धरने पर बैठे मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त संदीप पांडेय व अन्य। स्रोत : स्वयं
- छतिहा और लालपुर फाटक गांव के मध्य चकमार्ग को किसानों ने जोतकर खेत में लिया है मिला
- लोगों को आवागमन में होती दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
भरावन। छतिहा और लालपुर फाटक गांव को जोड़ने वाले चकमार्ग के करीब एक किलोमीटर भाग पर कब्जा के विरोध में मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त संदीप पांडेय ने ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को धरना दिया। आरोप लगाया कि दोनों गांव को जोड़ने वाले चकमार्ग को किसानों ने जोतकर अपने खेतों में मिला लिया है। शाम पांच बजे तक धरना चलता रहा, लेकिन कोई अधिकारी ज्ञापन लेने भी आया।
मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त संदीप पांडेय ने बताया कि छतिहा व लालपुर फाटक गांव के मध्य डेढ़ किलोमीटर का चकमार्ग है। इसमें से एक किलोमीटर में कुछ लोगों ने जोताई कर चकमार्ग को अपने खेत में मिलाकर कब्जा कर लिया है। लालपुर फाटक में जरतौली देवी मंदिर पर सोशलिस्ट किसान सभा के बैनर तले धरना दिया गया है। समस्या के निदान की मांग प्रशासन से की गई है। बताया कि कोई भी अधिकारी समस्या दूर करना तो, दूर हालचाल और ज्ञापन लेने तक नहीं आया। किसान श्रवण कुमार दीक्षित ने संपूर्ण समाधान दिवस, डीएम, मंडलायुक्त को शिकायती पत्र भी दिया है। बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हटवाया गया है। धरने पर कमलेश पांडेय, श्याम तिवारी, रामकिशोर, रजनी रावत, बबलू सिंह आदि मौजूद रहे।