हरदोई। रक्त नमूनों की जांच के लिए एक बार फिर मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
जांच मशीनों के बंद होने से सिर्फ सीबीसी और किट से जांच हो पा रही है। बायोकेमेस्ट्री मशीनों से जांच के लिए रोगियों के सैंपल तो लिए जा रहे हैं, लेकिन मशीन बंद होने से जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इससे जरूरतमंदों को निजी लैब की दौड़ लगानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब का विस्तार कर जांचों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। सेंट्रल लैब को नया रूप देने के साथ आधुनिक मशीनों को लगाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पीओ सिटी लैब को मिली है। लैब के कक्षों को पहले से बेहतर बनाने के लिए फॉल्स सीलिंग हो रही है। नए सिरे से विद्युत कनेक्शन भी किए जा रहे हैं। इसको लेकर सेंट्रल लैब में कार्य सुचारू ढंग से नहीं हो पा रहा है। एयर कंडीशन भी हटा दिए गए हैं, गर्मी अधिक होने से मशीनें भी काम नहीं कर पा रही हैं। बायोकेमेस्ट्री मशीन से होने वाली कोई जांच नहीं हो रही है। सीबीसी और डेंगू व टाइफाइड की जांच किट से की जा रही है।
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इमरजेंसी की हो रहीं जांच
हरदोई। सेंट्रल लैब में इमरजेंसी से आने वाली जांच की जा रही हैं। लैब का कार्यभार देख रहे संजय मिश्रा ने बताया कि कूलिंग न होने की वजह से मशीनें काम नहीं कर रही हैं। काम चलने के कारण मशीनें बंद हो रही हैं। काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। दो दिन में मशीनों को चालू करवा लिया जाएगा। इमरजेंसी की सभी जांच हो रही हैं। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज