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प्रेमी युगल ने एक ही साड़ी से फंदा बनाकर लगाई फांसी

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हरदोई में घटनास्थल पर प्रेमी युगल के रोते बिखलते परिजन। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरपालपुर (हरदोई)। अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम कढ़िलेपुरवा और नारायणपुर के बीच शुक्रवार सुबह खेत में पेड़ पर एक ही साड़ी के दो सिरों से प्रेमी युगल के शव फंदे पर लटकते मिले। घटना से कुछ देर पहले ही युवक ने पिता से शादी कराने की बात कही थी। घरवालों के मना करने पर उसने युवती को फोन कर बुलाया और खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंचे सीओ ने परिजनों से पूछताछ कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम कढ़िलेपुरवा निवासी संदीप (20) पुत्र राम नारायण दिल्ली में सिलाई करता था। लॉकडाउन के दौरान वह गांव लौटा था। उसका प्रेम प्रसंग तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव नारायणपुर निवासी उपासना (20) के साथ एक साल से चल रहा था। उपासना प्राइवेट स्कूल में नर्सरी टीचर थी। वह कन्नौज के तिर्वा के एक कॉलेज में पढ़ रही थी। शुक्रवार सुबह संदीप और उपासना के शव दोनों गांवों के बीच गंगा नदी से कुछ दूर एक खेत में पीपल के पेड़ पर फांसी से लटकते मिले।
ग्रामीणों ने दोनों को फंदे से लटकते देखा तो परिजनों को सूचना दी। मौके पर सीओ हरपालपुर राकेश वशिष्ठ, अरवल थानाध्यक्ष जनार्दन सिंह पहुंचे और लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। सीओ हरपालपुर ने बताया कि प्रेम प्रसंग में दोनों ने खुदकुशी की है। दोनों एक ही जाति के हैं। मृतक युवक के पास से फोन मिला है। उसने फोन कर प्रेमिका को खेत में बुलाया था। दोनों के ही परिजनों ने घटना को लेकर कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
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तो रिश्तेदारी बनी बाधा
प्रेमी के परिजनों के मुताबिक तीन दिन से संदीप अपनी शादी उपासना के साथ करने को कह रहा था लेकिन परिजन आपत्ति जता रहे थे। सूत्रों के अनुसार रिश्ते में प्रेमी-प्रेमिका के बीच दूर के चाचा-भतीजी का रिश्ता निकल रहा था, इसलिए परिजन सामाजिक मर्यादा की दुहाई देकर संदीप को समझा रहे थे। शुक्रवार सुबह संदीप ने पिता से शादी न कराने पर खुदकुशी की बात कही थी। इस पर उन्होंने लड़की के पिता से बात करने के प्रति आश्वस्त किया था, लेकिन इससे पहले प्रेमी युगल ने जान दे दी।
दोनों के परिवारों में अच्छे संबंध
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच काफी अच्छे संबंध रहे हैं। गंगा के किनारे दोनों परिवारों के खेत हैं। उपासना के परिजनों के खेतों को संदीप के परिजनों ने बटाई पर ले रखा है। दोनों ही परिवारों के बीच मिलना-जुलना भी था, लेकिन इतनी बड़ी घटना होने का अंदेशा नहीं था।
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