हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के बगहा गांव में बृहस्पतिवार सुबह पक्की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे और छप्पर के नीचे दबकर मजदूर की मौत हो गई। उसकी पत्नी और चार बच्चों समेत छह लोग घायल हो गए। घायलों में तीन को मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया है।
बगहा निवासी जयराम (40) लुधियाना में मजदूरी करते थे। 24 अप्रैल को वहां से वापस आ गए थे। वापस आकर वह रेलवे स्टेशन पर रैक उतारने का काम करते थे। बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे जयराम पत्नी रेनू (35), पुत्र शोभित (13) और सुमित (10), पुत्रियां कोमल (7) और आव्या (2), छोटे भाई श्रीराम की गर्भवती पत्नी रंजना (33) पक्की दीवार पर पड़े छप्पर के नीचे बैठकर आपस में बातें कर रहे थे। इसी दौरान अचानक दीवार छप्पर समेत गिर गई। छप्पर के नीचे बैठे सभी लोग मलबे में दब गए।
चीख पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले छेदालाल, राम दयाल, गंगाराम, चंद्र शेखर, राजेंद्र मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाकर इसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। तब तक जयराम की मौत हाे चुकी थी। घायलों में रेनू, उसकी पुत्री आव्या और गर्भवती देवरानी रंजना को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। जयराम की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि दीवार ढहने और छप्पर के नीचे दबने से लोग हताहत हुए हैं।
इमरजेंसी वार्ड से भेज दिया महिला अस्पताल
पांच माह की गर्भवती रंजना को भी गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लाया गया। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करने से इन्कार कर दिया। उसे महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। साथ आईं परिवार की महिलाएं खुद ही स्ट्रेचर से उसे लेकर महिला अस्पताल गईं। महिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।