हरदोई। पाली सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। संसाधनों की कमी के कारण सीएचसी बीमार चल रही है। शनिवार को यहां जांच कराने के लिए मरीज भटकते रहे जबकि लैब सहायक रनवीर लैब में ताला डालकर सीएचसी परिसर में चारपाई पर आराम फरमाते दिखे। मरीज जांच कराए बगैर लौट गए।
मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित पाली सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। सीएचसी में अधीक्षक समेत दो चिकित्सक तैनात हैं, जबकि दो चिकित्सक संबद्ध हैं। इसके अलावा एक फार्मासिस्ट व पांच स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय व लैब सहायक की तैनाती हैै। लेकिन मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा। शनिवार दोपहर 12 बजे लैब में ताला लटकता दिखा। क्षयरोग कक्ष भी बंद मिला। देर से ड्यूटी पर आए चिकित्सक ने मरीजों के पर्चे पर बाहर की दवाएं लिखकर चलता कर दिया।
वर्जन
सीएचसी में आने वाले मरीजों का समुचित उपचार किया जा रहा है। क्षयरोग विशेषज्ञ मरीजों को देखने के बाद सीएचसी में बैठते हैं। मामले की जानकारी करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आनंद शुक्ला सीएचसी अधीक्षक, पाली
लैब टेक्नीशियन हैं और न मशीनें
सीएचसी में बनी लैब में संसाधनों की कमी है। लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। लैब में मशीन नहीं है। लोगों ने मुताबिक लैब सहायक के सहारे मैनुअल जांचें नहीं हो पा रही हैं।
रेफर की जा रहीं प्रसूताएं
सीएचसी मेें एक महिला डॉक्टर व पांच स्टाफ नर्स हैं। महिलाओं को प्रसव की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। ज्यादातर प्रसूताओं को रेफर किया जाता हैं।