फोटो- 34- जिंदपीर चौराहा पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
चौराहा से महोलिया बाईपास चौराहा तक लगी रही वाहनों की कतार
परीक्षार्थी, मांगलिक कार्यक्रम और अवैध पार्किंग के चलते बनी जाम की स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शहर के जिंदपीर चौराहे पर सोमवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते चौराहे से लेकर महोलिया बाईपास तक करीब तीन घंटे भीषण जाम की स्थिति बनी रही है। जाम के चलते वाहनों को रेंगकर निकलना पड़ा। जाम में एंबुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक फंसी रहीं। वहीं, तेज धूप के कारण लोगों का गर्मी के मारे हाल बेहाल हो गया।
जिंदपीर चौराहा से सीतापुर सड़क जाने में इन दिनों लोगों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। जिंदपीर चौराहे के पास फुटपाथ पर वाहनों की अवैध पार्किंग और दुकानदारों ने इस कदर अतिक्रमण कर रखा है कि लोगों का निकलना मुश्किल है। साथ ही सीतापुर और गोपामऊ जाने वाली निजी बसें भी यहीं से यात्री बिठाती हैं। रोडवेज का वर्कशॉप होने के कारण दिन भर रूट और कार्यशाला की बसों का आवागमन बना रहता है। इस वजह से चौराहा से लेकर ओवरब्रिज तक हर वक्त जाम बना रहता है। वहीं, सोमवार को होमगार्ड की परीक्षा और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए आने वाली ट्रैक्टर ट्रॉलियों की वजह से जिंदपीर चौराहा के पास एसबीआई से लेकर महोलिया बाईपास चौराहा तक दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बाद तक करीब दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी रही। यातायात हटाने के लिए खड़े पुलिस कर्मी भी जाम खुलवाने और डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई कर पाने में असमर्थ रहे।
अतिक्रमण ने संकरी की राहें
जिंदपीर चौराहा पर दुकानदारों ने दुकानों का सामान फुटपाथ तक फैला रखा है। रही-सही कसर अवैध रूप से संचालित टैक्सी स्टैंड पूरी कर देते हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों के खड़े होने से मार्ग संकरा हो गया है। सोमवार को तो भीषण जाम के कारण एंबुलेंस तक जाम में काफी देर तक फंसी रहीं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिम्मेदार व्यवस्था सुधारने में नाकाम नजर आ रहे हैं।
वर्जन
जिंदपीर चौराहा पर यातायात कर्मी लगातार मार्ग साफ कराते रहते हैं। भीड़ अधिक रही, फिर भी यातायात कर्मी जाम हटाने में लगे रहे। कई बार दुकानदार और ठेले वालों को हटाया भी गया है। बसों को खड़ी होने के लिए कोई स्थान तो चाहिए। सवारियों के चढ़ने उतरने में ही जाम लग जाता है।-प्रमोद कुमार, यातायात निरीक्षक