हरदोई। पैथोलॉजी में रखी बायोकेमिस्ट्री और हार्मोनल मशीन के तार चूहों ने कुतर दिए थे।
मशीनों के बंद होने से दो दिन तक नमूनों की जांच नहीं हो पाई। जांच न होने से मरीजों के ऑपरेशन और दवाओं को लेकर मरीजों को परेशान होना पड़ा। हालांकि, मंगलवार की देर रात तक मशीनों को दुरूस्त कर लिया और रात में ही जांच की गई। सुबह जांच रिपोर्ट मिलने से मरीजों ने राहत की सांस ली।
मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में लगी अत्याधुनिक मशीनों पर प्रतिदिन 400 से 500 जांचें हो रही हैं। पैथोलाॅजी में कई प्रकार की जांचें होने की वजह से अब लोग निजी लैबों में न जाकर मेडिकल कॉलेज में ही जांच कराते हैं। ऐसे में मरीजों की काफी भीड़ हो रही है। होली के बाद से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों को दिखाने और उसके बाद जांच के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। होली के बाद सोमवार को खुले अस्पताल में जब जांचों को किया गया तो बायोकेमिस्ट्री और हार्मोनल मशीन काम ही नहीं कर पाई। मशीनों की जांच करने पर पता चला कि चूहों ने तार ही कुतर दिए। ऐसे में दो दिन में करीब 605 नमूनों की जांच ही नहीं हो पाई।
मशीनों के तार कटे पाए जाने पर इंजीनियर को बुलाया गया। मंगलवार देर रात को मशीनोंं को दुरूस्त करवाया गया। मशीनें दुरूस्त होते ही रात में नमूनोंं की जांच की गई। रात में ही सभी सैंपल की जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई। बुधवार सुबह मरीजों को जांच रिपोर्ट मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। प्राचार्य डॉ. जविन बिष्णु गोगोई ने बताया कि बायोकेमिस्ट्री की एक मशीन चालू हो गई है और दूसरी को बनाने का काम हो रहा है।