हरदोई। भाजपा अब लोगों को 23 जुलाई को पेश हुए आम, रेल बजट की जानकारी देगी। बजट के पक्ष में जनसमर्थन जुटाने और विपक्षियों के दुष्प्रचार को रोकने के लिए गोष्ठी का आयोजन शुरु किया है। शनिवार को भाजपा कार्यालय में गोष्ठी हुई।
पार्टी कार्यालय में गोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ वक्ता पार्टी प्रभारी शंकर लाल लोधी ने कहा कि बजट 2024 भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र पर आधारित है। जनता से किए गए हर वायदे को पूरा करने का रोडमैप तैयार किया गया है। यह बजट विकसित भारत की गारंटी का बजट है। उन्होंने बताया कि युवा, गरीब, किसान, महिला, पिछड़ा, एससी/एसटी को सशक्त और स्वावलंबी बनाने का बजट है। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि विपक्ष रचनात्मक प्रतिक्रिया देने के स्थान पर राजनैतिक हार की कुंठा को निकालने में लगा है। रेलवे के विकास के लिए 19,848 करोड़ दिए गए हैं।
हरदोई सांसद जय प्रकाश ने कहा कि देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए भाजपा सरकार संकलबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का यह बजट भारत की जनता के सपनों को साकार करने का बजट साबित होगा। मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने कहा कि उप्र को इस बजट में 2.44 लाख करोड़ रुपए की राशि मिली है। उप्र उद्योग स्थापित करने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। व्यापारी पवन जैन ने बजट 2024 की प्रशंसा की।
संचालन महामंत्री अनुराग मिश्र ने किया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमवती, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, राजीव रंजन मिश्र, राम बहादुर सिंह, रामकिशोर गुप्ता, रामऔतार शुक्ल, जिला उपाध्यक्ष कर्मवीर सिंह, एसपी मौर्य, संदीप सिंह, संजय सिंह गुड्डू, प्रीतेश दीक्षित, विनोद राठौर, सत्येंद्र राजपूत, मंत्री अविनाश पांडे, अजय शुक्ल, मीना वर्मा, मीडिया प्रभारी गांगेश पाठक, आईटी सेल प्रमुख सौरभ सिंह, सोशल मीडिया प्रद्युम्न आनंद, सह मीडिया प्रभारी परेश गुप्ता, सत्यम शुक्ल, सुशील अवस्थी, अविनाश मिश्र, अनुराधा मिश्र, व्यापारी नेता विमलेश दीक्षित, पवन जैन, कपिल मोहन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
हरदोई। भाजपा के जिला प्रभारी शंकर लाल लोधी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि भारत सरकार का बजट हर वर्ग के लिए उपयोगी है। इसमें सभी व्यापारियों का ध्यान रखा गया है। व्यापारियों और कार्यरत लोगों को आगे बढ़ने और इनकी समस्याओं के निदान को बजट में विशेष योजनाओं के माध्यम से प्रावधान किया गया है। बताया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर 40 हजार करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है।