हरदोई। तीन वर्ष पूर्व शिक्षक भर्ती प्रक्रिया और अभिलेखों की वापसी में गड़बड़ी की लोकायुक्त से हुई शिकायत के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के एक और लिपिक पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जांच में दोष सिद्ध होने पर उसे भी निलंबित कर दिया गया है। मामले में इससे पूर्व तीन लिपिकों को निलंबित किया जा चुका है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल सुरेंद्र तिवारी की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को जारी पत्र में बताया गया कि सिकरोहरी निवासी राम निवास शर्मा ने 2018 में लोकायुक्त से कई बिंदुओं को समाहित करते हुए शिक्षा विभाग के खिलाफ शिकायत की थी। इसमें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी व शैक्षिक अभिलेखों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए थे।
मामले में महानिदेशक स्तर से जांच हुई। कई बार जांच व सुनवाई होने के बाद महानिदेशक स्तर से जिले में शिक्षक भर्ती 10 हजार, 15 हजार, 16448 एवं शिक्षक भर्ती 728525 मेें अभ्यर्थियों के सत्यापन रखरखाव एवं प्रेषण व वापसी में सक्षम स्तर से अनुमोदन नहीं प्राप्त किया।
यही नहीं नियुक्ति संबंधी नियमावली में रोस्टर के विपरीत शिक्षकों का पदस्थापन किया जाना पाया गया। संलिप्तता पाए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग के कनिष्ठ सहायक अनुपम मिश्र को निलंबित कर दिया गया है और उनको राजकीय इंटर कॉलेज, हरदोई से संबद्ध किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर से कार्रवाई कर पत्र जारी किया गया है।
इसी शिकायत में इससे पूर्व बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ सहायक ऋतुराज गौतम जो मौजूदा समय में जीजीआईसी में तैनात हैं उनको दोषी पाया गया। उनको विभागीय नियमानुसार निलंबित कर जीजीआईसी से संबद्ध कर दिया गया। वरिष्ठ सहायक विवेक श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया गया है। उनको जीआईसी हरदोई से संबद्ध किया गया है। इससे पहले लिपिक प्रवीण मिश्रा को भी निलंबित किया जा चुका है।