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Hardoi News: कागज पर प्रभारी, धरातल पर नदारद

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फोटो- 23- अर्बन पीएचसी चंदीपुरवा में मरीज का उपचार करते डॉ. मधुरम​ सिंह। संवाद
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फोटो- 23- अर्बन पीएचसी चंदीपुरवा में मरीज का उपचार करते डॉ. मधुरम सिंह। संवाद
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फोटो- 24- अर्बन पीएचसी विभूतीनगर में मरीज की जांच करते डॉ. वीरेंद्र चौधरी। संवाद
= संबद्ध डॉक्टरों के भरोसे चल रहे शहर के अर्बन पीएचसी
= चिकित्सकों की गैरमौजूदगी से मरीजों के उपचार में हो रही सिर्फ खानापूर्ति
= शोपीस बने अर्बन पीएचसी के चलते मेडिकल कॉलेज पर बढ़ रहा मरीजों का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचालित अर्बन पीएचसी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो प्रभारी चिकित्सक मिलते हैं और न ही समुचित व्यवस्थाएं। आयुष डॉक्टरों के भरोसे सिर्फ सर्दी व खांसी की दवाएं देकर खानापूर्ति की जाती है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने की वजह से मरीजों को परेशान होकर मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। इससे मेडिकल कॉलेज पर भी दिनों दिन दबाव बढ़ रहा है।

दृश्य-1- शहर के चंदीपुरवा मोहल्ले में संचालित अर्बन पीएचसी पर वैसे तो प्रभारी चिकित्सक समेत दो चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, स्टाफ नर्स और वार्ड आया तैनात हैं, लेकिन सोमवार को पड़ताल के दौरान सीएचसी पर डॉक्टर मधुरम सिंह, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स ही मिले। यूऑम की तरफ से तैनात किए गए डॉक्टर को मंगलीपुरवा केंद्र से संबद्ध किया गया है और वह सप्ताह में पांच छह दिन उपस्थित रहते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी ओसामा सिद्दीकी केंद्र पर नहीं मिले। दावा है कि केंद्र पर रोजाना 25 से 30 मरीज देखे जाते हैं, लेकिन बेहतर उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किय जाता है। इन दिनों सर्दी, खांसी, डायरिया और चर्म रोग से संबंधित मरीज अधिक आ रहे हैं।
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दृश्य- 2- बिलग्राम चुंगी के पास मोहल्ला विभूति नगर में भी अर्बन पीएचसी पर मात्र आवास विकास कालोनी केंद्र से संबद्ध किए गए एक मात्र आयुष डॉक्टर वीरेंद्र चौधरी मिले। जबकि, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सलमान अहमद अवकाश पर बताए गए। विभूति नगर स्वास्थ्य केंद्र पर भी तीन डॉक्टर समेत फार्मासिस्ट और चार स्टाफ तैनात होना बताया गया, लेकिन केंद्र पर एक डॉक्टर और कर्मचारी के अतिरिक्त कोई नहीं था। यहां पर भी 20 से 25 मरीज रोजाना देखे जाने की बात कही गई। दवाओं की उपलब्धता और किटो से जांच होना बताया गया।
हवाई साबित हो रहे घर के नजदीक उपचार देने के दावे
अर्बन पीएचसी का उद्देश्य शहर के लोगों को उनके नजदीक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा। नतीजतन सामान्य बीमारियों के मरीज भी मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं, जिससे वहां की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी नहीं होने से व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं।

क्षेत्र में अधिक रहना पड़ता है
चंदीपुरवा अर्बन पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर ओसामा सिद्दीकी ने बताया कि वह अक्सर क्षेत्र में रहते हैं। एएनएम और आशाओं की कार्य प्रणाली का अवलोकन कर विभागीय एप पर अपलोड करना होता है। इसकी रिपोर्ट की रोज मानीटरिंग होती है। इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों में भी ड्यूटी लग जाती है।
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अवकाश पर है इसलिए नहीं आए
विभूति नगर पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर सलमान अहमद ने बताया कि वह केंद्र जाते हैं, लेकिन कुछ काम की वजह से अवकाश पर थे।

वर्जन
जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं, मैसेज में बता दीजिए, जांच करवाएंगे। - डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

फोटो- 23- अर्बन पीएचसी चंदीपुरवा में मरीज का उपचार करते डॉ. मधुरम सिंह। संवाद

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