हरदोई। जहर खिलाकर पत्नी की हत्या करने के साढ़े छह साल पुराने मामले में पति को दोषी करार देते हुए अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक कुसुम लता ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के उस्मानपुर गांव निवासी राजेश कुमार ने कोतवाली देहात में दिनांक 12 दिसंबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसने अपनी पुत्री सीनम का विवाह घटना से तीन वर्ष पूर्व कोतवाली देहात क्षेत्र के शिवपार महोलिया में पंकज मिश्रा उर्फ माया प्रकाश के साथ की। पुत्री के ससुरालीजन विवाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर मारपीट करते थे। 11 दिसंबर 2018 की रात में उसकी पुत्री ने फोन किया और कहा कि उसे आकर ले जाओ वरना ससुरालीजन मार डालेंगे।
कुछ देर बाद सूचना मिली कि उसकी पुत्री को उसके पति पंकज मिश्रा उर्फ मायाप्रकाश, ससुर रजनीश मिश्रा, देवर श्रीप्रकाश, छोटक्के, ननद प्रिया, सीमा, सास व देवर ने मिलकर मार डाला। पुलिस ने सभी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया था। विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में जहर खाकर मौत होने की बात सामने आई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने पंकज मिश्रा उर्फ माया प्रकाश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अन्य लोगों का नाम साक्ष्य के अभाव में आरोप पत्र से निकाल दिया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से पांच गवाह पेश किए गए। इनमें मां भाई समेत तीन गवाह पक्षद्रोही हो गए थे। मृतका के पिता के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने पति को हत्या का दोषी ठहराया। आजीवन कारावास की सजा सुनाई।