हरदोई। लगभग दो साल चार माह पुराने दहेज हत्या के मामले में जिला जज ने पति और सास को दोषी करार दिया है। दोनों अभियुक्तों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सूरजपाल सिंह ने बताया कि बघौली कोतवाली क्षेत्र के सोहरिया गांव निवासी रामकिशोरी पत्नी जगदीश ने एसपी से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी बेटी मीना की शादी 29 अप्रैल 2018 को माधौगंज कोतवाली क्षेत्र के रमजानीपुरवा निवासी रजनीश के साथ की थी। शादी के बाद रजनीश, मीना और मीना की सास रामकली दिल्ली में रहने लगे थे। शादी के तीन माह बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने की बात रामकिशोरी किशोरी को पता चली। बाद में मीना की सास रामकली ने प्रताड़ित न किए जाने की बात कही।
अक्तूबर 2020 में मीना को बेटा (ऋतिक) हुआ, लेकिन उसका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वह अपनी मां के पास आ गई। अक्तूबर 2021 में रामकली अपने पोते का मुंडन कराने की बात कहकर मीना को साथ ले गई। 25 दिसंबर 2021 को मीना की मौत की जानकारी मिली। आरोप था कि स्थानीय लोगों ने पुलिस को प्रभावित कर दिया और मीना का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति नीरज, सास रामकली और रमजानीपुरवा के तत्कालीन प्रधान नसीमुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान नीरज और राम कली के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था, जबकि साक्ष्य के अभाव में नसीमुद्दीन का नाम निकाल दिया गया था। पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर जिला जज ने फैसला सुनाया है।