हरदोई। श्रीरामलीला कमेटी ने नुमाइश मैदान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर समां बांध दिया। आगरा से आईं कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी की वाणी वंदना से काव्य पाठ शुरू हुआ। इसके बाद मैनपुरी समेत अन्य जगहों से आए कवियों ने अपनी कविता पढ़कर खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर, कमेटी के प्रबंधक पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला व कृष्ण अवतार दीक्षित ने किया।
सीतापुर से आए गीतकार जगजीवन मिश्र ने ‘उनका अंदाज भी तो शाही है, सिर्फ कहने को खैरख्वाही है, उनका हर जुल्म रूस सा कातिल, यहां यूक्रेन सी तबाही है’ सुनाकर वाहवाही लूटी।
लखनऊ से आए यश भारती से सम्मानित व्यंग्यकार डॉ. सर्वेश अस्थाना ने भ्रष्टाचार पर तंज किया। उन्होंने सुनाया ‘झूठे सरकारी इल्जाम को सहन कर गया, दूसरे दिन ही नदी में कूदकर मर गया,’ श्रोताओं को उन्होंने खूब हंसाया।
वाराणसी से आईं कवयित्री विभा सिंह ने ‘कोई कैसे जुदा मुझको कर पाएगा, गांव मैं हूं, मेरी राजधानी आप हैं,’ गीत सुनाकर समां बांध दिया।
कार्यक्रम संयोजक हास्य कवि अजीत शुक्ल ने विधानसभा चुनाव के बाद आए परिवर्तन को इंगित करती हुई अपनी रचना ‘चाटुकारिता के फंडे बदल गए हैं, हो गया चुनाव तो झंडे बदल गए हैं,’ पढ़ श्रोताओं को गुदगुदाया। रुड़की से आए गीतकार महावीर सिंह, मुरादाबाद से आए हास्य कवि प्रवीण राही की रचनाओं पर भी खूब तालियां बजीं।
दिल्ली के ओज कवि डॉ. अर्जुन सिसोदिया व डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने भी काव्यपाठ किया। कार्यक्रम का संचालन जयपुर के कवि कमल मनोहर ने किया।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, सरस्वती सदन के अध्यक्ष अरुणेश बाजपेई, प्रोफेसर अखिलेश बाजपेई, जीतेश दीक्षित, प्राची दीक्षित, मनमन श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, अनुराग द्विवेदी आदि मौजूद रहे। मां शारदा एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. हरि बहादुर श्रीवास्तव के चित्र पर माल्यार्पण भी किया गया।