फोटो-13- बिरईखेड़ा गांव में घर पाटने में इस्तेमाल किया जा रहा जिप्सम। संवाद
भरावन। अरे यहां तो ऊसर भूमि सुधार के लिए आई जिप्सम ग्रामीणों के घरों में भरान के काम आ रही है। क्षेत्र के बिरईखेड़ा गांव में एक ग्रामीण के निर्माणाधीन मकान के पास भरान में उपयोग की जा रही जिप्सम की पूरी बोरियां खुले में पड़ी दिखाई पड़ीं। बताया कि यह जिप्सम राजकीय ऊसर सुधार कृषि क्षेत्र जैतपुर कासिमाबाद के लिए आई हैं। ऊसर भूमि सुधार योजना में आई जिप्सम को बेचने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने विरोध भी किया।
ऊसर भूमि सुधार योजना में शासन और कृषि विभाग की ओर से ऊसर भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार जिप्सम का आवंटन होता है। बताया कि जैतपुर कासिमाबाद राजकीय ऊसर सुधार कृषि प्रक्षेत्र के लिए 500 हेक्टेयर भूमि के सुधार के लिए जिप्सम का शासन से आवंटन हुआ है। जिप्सम को जिम्मेदारों ने ऊसर भूमि सुधार में उपयोग के बजाय इसका दुरुपयोग कर डाला। राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पर आने वाली जिप्सम का मोहम्मदपुर और उपाध्याय खेड़ा में ऊसर भूमि सुधार के लिए उपयोग होना था लेकिन इसे जिम्मेदारों ने निर्माणाधीन मकान के भरान में उपयोग के लिए दे दिया।
भाकियू ने दिया धरना और कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान यूनियन ने जिप्सम के दुरुपयोग पर विरोध जताया। बिरईखेड़ा में निर्माणाधीन मकान में भरान में उपयोग लाई जा रहीं सील पैक जिप्सम मिलीं। वहीं जगसरा के जंगल में ट्रैक्टर चालक और जेसीबी चालक जिप्सम की बोरियों को ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहे थे तो पदाधिकारियों की चालकों से जमकर नोकझोंक भी हुई। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष सुनील तिवारी व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी जिप्सम की सील बंद बोरियां किसानों के खेतों में डलवाने के बजाय प्रति ट्रॉली के हिसाब से बेची जा रही है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक बोरी की सरकारी कीमत 213 रुपये है।
जैतपुर कासिमाबाद राजकीय कृषि प्रक्षेत्र से ऊसर भूमि सुधार के लिए ऊसर सुधार योजना में भूमि का क्षेत्रफल मांगा गया था। जैतपुर कासिमाबाद में ऊसर भूमि का करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। इसके लिए जिप्सम की आपूर्ति हुई लेकिन यह काम भूमि संरक्षण विभाग की देखरेख में होता है। मोहम्मदपुर, उपाध्यायखेड़ा को जिप्सम ले जाने वाला ट्रक खराब हो गया था उसी जिप्सम को सड़क किनारे उतारा गया था। -रत्नेश कुमार सिंह, प्रबंधक, जैतपुर कासिमाबाद राजकीय कृषि प्रक्षेत्र