हरदोई। खरीफ की मुख्य फसल धान की पौध की रोपाई इन दिनों पीक पर है। किसान फॉस्फेटिक और यूरिया के लिए लाइन में लगने को मजबूर हैं। मजे की बात यह है कि विभाग का दावा है कि गोदाम से लेकर सहकारी समितियों पर यूरिया और फॉस्फेटिक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं किसान एक-एक बोरी के लिए परेशान हो रहे हैं। सहकारी समितियों और खाद विक्रय केंद्रों का हाल यह है कि कहीं ताले लटके मिले तो कहीं किसान लाइन में लगे दिखाई पड़े।
खरीफ फसलों में धान की नर्सरी तैयार होने के साथ ही रोपाई और अगैती फसलों के लिए किसानों को फॉस्फेटिक और यूरिया खाद की जरूरत पड़ने लगी है। किसान डीएपी, फॉस्फेटिक उर्वरक और यूरिया को खेतों में डालने के लिए सहकारी समितियों और खाद विक्रय केंद्रों पर दौड़-भाग करने में जुटे हैं। विभागीय दावों के साथ सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों की पड़ताल में खाद वितरण की स्थिति कुछ और ही दिखाई पड़ी।
समितियों और विक्रय केंद्रों पर कहीं ताले लटकते मिले तो कहीं पर किसान एक-एक बोरी खाद के लिए लाइन में जद्दोजहद करते दिखे। किसानों को खाद बिक्री में ही समितियों के जिम्मेदार खाद की अनलोडिंग कराने के प्रति भी लापरवाह नजर आए। इससे खाद लेकर आने वाले ट्रैक्टर चालक और मजदूरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हरियावां क्षेत्र में हरियावां, उतरा, कुरसेली, मवैया आदि सहकारी समितियां बंद हैं।
केस 1
टड़ियावां क्षेत्र की उनौती समिति भी बंद मिली। वहां पर यूरिया उतारने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी मिली। चालक ने बताया कि काफी देर हो गई है। फोन भी किया, सचिव संदीप ने 20 मिनट में आने की बात कही थी लेकिन 40 मिनट से अधिक का समय हो गया है अभी तक नहीं आए।
केस 2
शाहाबाद नवीन मंडी स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र पर खाद का वितरण होता मिला। यहां पर खाद के लिए किसान लाइन में लगे थे। इफ्को के अमित कुमार झा ने बताया कि डीएपी स्टॉक में नहीं है। यूरिया एक एकड़ रकबा पर एक बोरी दी जा रही है। स्टॉक में 1,300 बोरी यूरिया है।
केस 3
शाहाबाद के क्रेन ग्रोवर सोसाइटी के खाद वितरण केंद्र पर ताला लगा मिला। वहां पर केंद्र बंद होने के कारण न तो कोई जिम्मेदार मिला न ही खाद लेने के लिए किसान नजर आए। बताया कि सुबह किसान आए थे लेकिन केंद्र पर ताला लटका देखकर मायूस होकर लौट गए।
केस 4
शाहाबाद सहकारी समिति पर भी ताला लटका मिला। वहां पर पिछले दो माह से खाद का वितरण नहीं किया गया। सोसाइटी के कार्यालय और गोदाम में ताला लगा होने और दो माह से खाद का वितरण न होने से यहां पर किसान भी नहीं आते। इससे किसानों को खाद के लिए दूसरे विक्रय केंद्रों पर जाना पड़ता है।
केस 5
हर्रई में संचालित अयारी खाद विक्रय सेंटर बंद मिला। दोपहर 1:10 बजे तक सचिव नहीं आए थे। इससे खाद लेने आए किसान केंद्र बंद देखकर वापस चले गए। सचिव नसीम ने बताया कि वह हरदोई में बैंक में रुपये जमा करने आए हैं। इसलिए केंद्र बंद है।
जिले में 87 सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों पर खाद की बिक्री की व्यवस्था दी गई है। समितियों और विक्रय केंद्रों पर खाद का वितरण बंद होने की जानकारी ली जाएगी। वहीं समितियों पर बिक्री के लिए रोस्टर बनाया गया है। रोस्टर के मुताबिक वितरण कराया जा रहा है। -अभय नारायण सिंह, सहायक आयुक्त सहकारिता
एक नजर स्टॉक पर
. 9,071 मीट्रिक टन यूरिया पीसीएफ के बफर गोदाम में है।
. 2,795 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद पीसीएफ के बफर गोदाम में है।
. 2,196 मीट्रिक टन यूरिया सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध।
. 695 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध।