फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राचार्या बोलीं -तिवारी है या अस्पताल की बीमारी

विज्ञापन
जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखे वेंटीलेटर देखतीं मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या वाणी गुप्ता। स - फोटो : HARDOI
विज्ञापन
हरदोई। जिला अस्पताल में एक रोगी को उचित इलाज न मिलने की शिकायत पर मंगलवार देर रात चिकित्सालय पहुंचीं प्राचार्या का गुस्सा वहां की अव्यवस्थाओं को देखकर और बढ़ गया। हर अव्यवस्था पर फार्मासिस्ट तिवारी नाम आने पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि ‘तिवारी है कि अस्पताल की बीमारी’। उन्होंने वहां के अभिलेख तलब कर जांच कर नोटिस जारी करने की बात कही है।
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला आलू थोक निवासी रजनीश गुप्ता (48) मंगलवार की देर रात हादसे में घायल हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक आकस्मिक कक्ष में पट्टी बांध दी। परिजनों के कहने पर स्टाफ ने रात में एक्सरे न होने की बात कही। इस पर तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या वाणी गुप्ता से फोन पर शिकायत की। तीमारदारों की शिकायत को संज्ञान में लेकर प्राचार्या मंगलवार रात करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचीं और तीमारदारों से मरीज का हाल जाना। इसके बाद प्राचार्या ने पूरे अस्पताल का औचक निरीक्षण करना शुरू कर दिया। नेत्र कक्ष में संचालित हड्डी वार्ड पहुुंचीं प्राचार्या को एक स्टाफ नर्स व दो अन्य कर्मचारी ही मौजूद मिले। वार्ड में लगे पंखे खराब मिलने पर नाराजगी जताई। यहां से आईसीयू वार्ड पहुंचीं प्राचार्या को स्टाफ ड्यूटी से नदारद मिला। दो कक्षों में ताले लटके मिलने पर प्राचार्या का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्टाफ से चाबी मांगी, लेकिन काफी देर बाद चाबी मिलने पर स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। वही जहां भी प्राचार्य गईं हर जगह फार्मासिस्ट विजय तिवारी का ही नाम बताया गया। इसको सुनकर उनका गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने यहां तक कह दिया कि ‘तिवारी है कि अस्पताल की बीमारी’। प्राचार्या ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिलीं हैं। पूरे अस्पताल में सिर्फ एक स्टाफ नर्स मौजूद थी। बताया कि आईसीयू वार्ड में स्टाफ ड्यूटी से नदारद मिला है। बताया कि अस्पताल प्रशासन से अभिलेख तलब किए गए हैं।
आईसीयू रूम में रखी मिलीं वेंटिलेटर मशीनें
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को निरीक्षण के दौरान आईसीयू वार्ड में बने एक कक्ष में ताला बंद मिला। प्राचार्या ने कक्ष का ताला खुलावकर देखा तो उसके अंदर काफी संख्या में वेंटिलेटर मशीनें रखीं मिलीं। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है।
विज्ञापन

हॉस्पिटल की चाबियां घर पर मिलीं तो कार्रवाई
प्राचार्या ने निरीक्षण के दौरान मौजूद सभी स्वास्थ्य कर्मियों को खुले शब्दों में हिदायत दी कि अस्पताल के किसी कक्ष की चाबी अब कोई भी कर्मी घर ले गया तो कार्रवाई निश्चित है। कई कमरों व स्टोर रूम में ताला पड़े होने और वहां मौजूद कर्मियों के द्वारा यह कहे जाने पर कि वे चाबी साथ ले गए। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते उक्त निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें