हरदोई। शाहाबाद कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में एक सप्ताह पहले एक महिला को प्रसव हुआ था। दो दिन पहले महिला की तबियत बिगड़ गई।
तो परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
शाहाबाद कोतवाली के आगमपुर निवासी वीरेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी रोशनी को 7 दिन पहले प्रसव पीड़ा हुई थी। जिससे बाद पत्नी को कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
जहां 25 हजार रुपये में प्रसव कराने की बात हो गई। डॉक्टरों ने 13 हजार रुपये पहले जमा कर लिए थे। इसके बाद प्रसव कराना शुरू किया था। प्रसव के दौरान रोशनी ने बेटे का जन्म दिया था।
इसके कुछ ही देर में बच्चे की तबियत बिगड़ने पर छह हजार रुपये और जमा कर लिए थे। बच्चे की हालत में सुधार हो गया। इधर दो पहले रोशनी की तबियत बिगड़ गई। इस पर वह पत्नी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे।
जहां पर डॉक्टरों ने हालत नाजुक होने की बात कहते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में बुधवार की सुबह पत्नी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही से प्रसव करने का आरोप लगाया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। कोतवाल सुरेश मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।