फोटो- 28 ग्राम पंचायत खुटेहना के कीचड़ युक्त रास्ते पर साइकिल लेकर पैदल जा रहे ग्रामीण।
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संडीला। ब्लॉक की ग्राम पंचायत खुटेहना का रास्ता नेताओं के आश्वासन पर आज भी कच्चा है। ग्रामीण हर चुनाव में जन प्रतिनिधियों से लेकर अफसरों से इसके डामरीकरण की मांग कर चुके हैं। लेकिन उनकी यह मांग आज तक आश्वासन तक ही सीमित है।
इस मुद्दे को लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव में ग्रामीण वोट नहीं डालता चाहते थे। तब जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के समझाने के बाद कुछ ग्रामीणों ने वोटिंग की थी।
लेकिन चुनाव के बाद न तो जनप्रतिनिधि इस रास्ते पर लौटे और न ही अफसरों ने सुध ली। अब तीन साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच कच्चे रास्ते को पक्का कराने का मुद्दा फिर से तूल पकड़ने लगा है।
गांव निवासी गया प्रसाद, जगदेई, राजकुमारी, उर्मिला, राम दास, बिंद्रा प्रसाद और राम खेलावन आदि ने बताया कि बरसात में कच्चा रास्ता कीचड़ युक्त हो जाता है।
ऐसे में छात्रों को ले जाने के लिए स्कूली वाहन और मरीजों को ले जाने के लिए एंबुलेंस आदि गांव तक नहीं पहुंचती है। रास्ता बंद होने से ब्लॉक मुख्यालय संडीला से गांव का संपर्क टूट जाता है।
बेहद जरूरी काम होने पर करीब चार किलोमीटर कच्चा कीचड़ युक्त रास्ता पैदल ही तय करना पड़ता है। ग्राम प्रधान हरबंस ने बताया कि जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों को इस पर कई बार पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है।